संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में संबद्ध फार्मासिस्ट का संबद्धीकरण निरस्त न होने पर जांच शुरू हो गई है। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के निर्देश के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
महानिदेशक ने 22 जून 2026 को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजकर डिप्टी सीएम के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) ओमप्रकाश के 27 अप्रैल 2026 के पत्र का हवाला देते हुए संबद्धीकरण निरस्त करने के निर्देश दिए थे। दरअसल, अरुण मिश्रा ने डिप्टी सीएम को शिकायत भेजकर फार्मासिस्ट के संबद्धीकरण पर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी। इसमें आरोप लगाया था कि कानपुर मेडिकल कॉलेज में तैनात फार्मासिस्ट संजीव को दो अगस्त 2023 को छह माह के लिए उरई मेडिकल कॉलेज में संबद्ध किया गया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बावजूद उनका संबद्धीकरण जारी रहा। मामला संज्ञान में आने के बाद अब जांच शुरू की गई है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी का कहना है कि संस्थान में फार्मासिस्ट की कमी है। शासन स्तर से फार्मासिस्ट उपलब्ध होने के बाद संबद्धीकरण समाप्त कर दिया जाएगा।