उरई। भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आई) के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार अहिरवार व प्रदेश महासचिव साकिर अहमद खां के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़े दाम वापस लेने की मांग की। कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अहिरवार ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों का उत्पीड़न हो रहा है। ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस दौरान तीन सू्त्री समस्या का ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान संजय गौतम, अशर्फीलाल, अजय कुमार, रामशंकर ओझा, रमाकांत कौशल, रामेश्वर दयाल, सत्येंद्र वर्मा, महिपाल सिंह, भूपेंद्र आदि रहे।
युवाओं को रोजगार देने की मांग
उरई। जन अधिकार पार्टी और भागीदारी संकल्प मोर्चा ने संयुक्त रुप से ने पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी को वापस लेने, पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने के खिलाफ राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेेट को सौंपा। महाराज सिंह कुशवाहा ने इसके साथ ही शिक्षा का एक समान पाठ्यक्रम और युवाओं को रोजगार देने की मांग की। संवाद
बकाया मजदूरी दिलाने की मांग
उरई। कालपी तहसील क्षेत्र के ब्लाक महेबा के मंगरौली निवासी मजदूरों ने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर मनरेगा मजदूरी न मिलने की शिकायत की।
ग्रामीण मंगरौल निवासी रविंद्र, भीकम, मगन, शंकर, राजाबाबू, इंद्रपाल, अरविंद, तकदीर सिंह, नीरज, मनोज आदि ने ज्ञापन में बताया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपनी ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत काम किया था लेकिन अभी तक उन्हें मजदूरी नहीं मिली है। 97 मजदूरों का 6 लाख 84 हजार 548 रुपये भुगतान बकाया है। उन्होंने जल्द बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की।
एनआरसी आंदोलन में लगे मुकदमे वापस हों
वामपंथी दलों ने पैदल मार्च निकाला, ज्ञापन दिया
उरई। वामपंथी दलों के संयुक्त राज्य व्यापी आह्वान पर वामपंथी दलों ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय के गेट तक पैदल मार्च निकाला। राज्यपाल को संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन डीएम को देकर समस्याओं के निदान की मांग की।
भाकपा माले के जिला सचिव राजीव कुशवाहा, एक्ट के प्रदेश उपाध्यक्ष रामसिंह चौधरी, विजय सिंह राठौर, देवेश चौरसिया, प्रभुदयाल पाल, भारत सिंह जाटव, विनय पाठक आदि ने ज्ञापन में बताया कि एनआरसी समेत कई आंदोलन में शामिल लोगों पर मुकदमे लाद दिए गए है, इन्हें तत्काल वापस लिया जाए। यूपी में लोकतंत्र की अनदेखी की जा रही है। सभी किसानों के कर्ज माफ किए जाए और पेट्रोलियम पदार्थों के दामों को वापस लिया जाए। इस दौरान फूलसिंह, आशाराम, हरीशंकर, अब्दुल रहमान, लखनलाल, देवीदीन, शिवबालक बाथम आदि रहे।