कुसमिलिया इंटर कालेज के मैदान में घूमते क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले लोग।
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मुहम्मदाबाद। परदेश से लौटकर सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों में क्वारंटीन लोगों को रात काटना मुश्किल हो रहा है। गर्मी और मच्छरों के कारण रात-रात भर जागने को मजबूर है। इन केंद्रों पर रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें सिर्फ यहां रोका गया है और सुबह शाम खाना दे दिया गया है, इसके अलावा कोई सुविधा नहीं मिल रही है।
डकोर क्षेत्र के मुहम्मदाबाद, कुसमिलिया, डकोर, मुहाना, कहटा, कमठा, जैसारी, बंधौली, ऐरी रमपुरा, गुढ़ा सिमरिया जैसे एक दर्जन से अधिक गांवों में परदेश से लौटे लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। नफीस खान, कमलेश, बृजभान, राजेश, जितेंद्र का कहना है कि बिजली आती नहीं है, रात में छतों पर लेटते हैं और मच्छर रात भर सोने नहीं देते है। ऐसी हालत में अभी बीमार नहीं है लेकिन यह मच्छर बीमार कर देंगे। सफाई भी नियमित नहीं हो रही है और न ही दवा का छिड़काव हो रहा है। जांच के लिए अधिकारी कर्मचारी तो आते है लेकिन वह सिर्फ हाजिरी भरकर चले जाते हैं। बीडीओ डकोर सुदामा शरण का कहना है कि टीम लगाकर क्वारंटीन सेंटरों में साफ सफाई के साथ दवा का छिड़काव कराया जाएगा। प्रधानों को भी निर्देशित किया गया है।
क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण किया
जालौन। एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला एवं सीओ सुबोध गौतम ने स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज में बनाए गए सेंटर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित क्वारंटीन सेंटरों का जायजा लिया। जिसमें क्वारंटीन सेंटर में सभी व्यक्ति उपस्थित मिले। उन्होंने वहां भोजन व्यवस्थाओं को भी परखा। सीएचसी का भी निरीक्षण किया। एक जगह जमा लोगों को उन्होंने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।