कलेक्ट्रेट में बैंकर्स की बैठक लेते सीडीओ।
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रहे बैंक प्रबंधकों को कड़ी फटकार लगाई। इसी के साथ एलडीएम को निर्देश दिए कि वह लंबित मामलों को जल्द निस्तारित कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कहा कि ऋण स्वीकृत करने में देरी होने से कई युवा अपना रोजगार स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। बैठक में बैंकवार ऋण आवेदन पत्रों के निस्तारण की रिपोर्ट ली गई। इसमें बताया गया कि एससीपी के अंतर्गत 982
आवेदन वर्ष 2015-16 में हुए। इसके सापेक्ष 164 आवेदन ही स्वीकृत किए गए। माइक्रो कामधेनु योजना में 45 आवेदन हुए इसमें 14 स्वीकृत किए गए। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक ऋण आवेदनों को लेकर गंभीर नहीं है। सबसे अधिक लंबित प्रकरण पर बैंक प्रबंधक को फटकार लगाई गई। एलडीएम सिद्धार्थ पाल को निर्देश दिए गए कि वह ऋण आवेदनों का जल्द
निस्तारण कराएं। प्रभारी जिलाधिकारी आनंद कुमार ने बैंक प्रबंधकों से कहा कि वह किसानों के जो प्रकरण हो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। इसके अलावा बैंक में आने वालों को पूरी जानकारी दें। उनसे अच्छा व्यवहार करने की नसीहत भी दी। किसान क्रेडिट कार्ड से हर किसान को आच्छादित किया जाए। इसी के साथ रोजगार के लिए दिए गए
ऋण की वसूली को सख्ती से करने के लिए भी कहा गया। सांसद भानुप्रताप वर्मा ने कहा कि बैंकर्स ऋण स्वीकृत करने में जिस तरह से आनाकानी करते हैं उससे सरकार की योजनाओं का संचालन नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रोजगार स्थापित करने के लिए जिन योजनाओं का संचालन कर रही है उसमें बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस मौके पर सीडीओ एसपी सिंह, डीडीओ आरएस गौतम, उप कृषि निदेशक अनिल कुमार पाठक के अलावा बैंक एवं रोजगार सृजन से जुड़े विभागों के अधिकारी व माधौगढ़ विधायक संतराम कुशवाहा आदि मौजूद रहे।