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Jalaun News: पंचनद महोत्सव आज से, बाबा साहब मंदिर की ओर वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी

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फोटो - 04 पचनद में लगने वाले मेले को लेकर निरीक्षण करते डीएम व एसपी। संवाद
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रामपुरा। कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में मंगलवार से 12 नवंबर तक पंचनद महोत्सव का आयोजन पांच नदियों के संगम स्थल पर किया जाएगा। इस दौरान रोजाना आस्था का सैलाब उमड़ता है। बिठौली थाने की तरफ से रात से बाबा साहब मंदिर वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी जाएगी।
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मान्यता है कि यह वह स्थान है जहां सृष्टि के पालनकर्ता को सुदर्शन चक्र मिला था। इसी स्थान पर महाकवि तुलसीदास ने प्रवास के दौरान सुंदरकांड का सृजन किया था। सोमवार को एसडीएम ने जिम्मेदारों के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। कार्तिक पूर्णिमा के पर्व व मेले को लेकर थाना रामपुरा, इटावा के बिठौली थाना व औरैया जनपद के अयाना थाने की पुलिस यातायात व कानून व्यवस्था अपने-अपने बॉर्डर पर मौजूद रहकर करेगी। बिठौली थाने की तरफ से रात से बाबा साहब मंदिर वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी जाएगी। छोटे वाहनों को कंजौसा होते हुए जगम्मनपुर होते हुए गुजारे जाएंगे। थाना अयाना की तरफ से भी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। रामपुरा की तरफ से आने वाले भारी वाहनों का रास्ता बंद कर दिया जाएगा। जो कार्तिक पूर्णिमा के बाद ही बहाल किया जाएगा।
जिले के जगम्मनपुर कस्बे के समीप कंजौसा गांव में यह पंचनद स्थित है। यहां पर यमुना, चंबल, सिंध, कुंवारी और पहूज नदियों का अद्भुत संगम होता है। स्नान करने के बाद भक्त बाबा साहब मंदिर में दर्शन के लिए जुटेंगे। बुंदेलखंड, ब्रज, ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर दूर-दराज के जिलों से भी भक्तों की भीड़ यहां पहुंचने लगती है। पंचनद संगम पर आयोजित होने वाले मेला व स्नान पर्व के लिए प्रशासन ने अधिकारियों सोमवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया। एसडीएम माधौगढ़ राकेश कुमार सोनी की अध्यक्षता में पंचनद संगम स्थित बाब साहब मंदिर पर कई विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मंदिर प्रबंध समिति व क्षेत्रीय लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
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संगम तट पर सुविधाजनक स्नान घाट बनवाने, नदी के गहरे हिस्सों पर लोहे की जाली लगाने व स्नान घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। महिलाओं के लिए अलग चेंजरूम, नदी तट पर एनाउंसमेंट सिस्टम और स्नान घाट तक पहुंचने वाले रास्तों की मरम्मत पर ध्यान दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा प्वाइंट, पार्किंग प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ सेवाएं, अग्निशमन व्यवस्था, चल शौचालय, खोया-पाया केन्द्र, तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं।








महाभारत काल में भी इस स्थान का उल्लेख



पंचनद तीर्थ का उल्लेख कई पुराणों में मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि यहीं भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र की प्राप्ति हुई थी। यह स्थल महर्षि अथर्वण का आश्रम भी रहा है। कहा जाता है कि यहीं उनकी पुत्री बटिका का जन्म हुआ था। महर्षि व्यास तथा बटिका का पाणिग्रहण संस्कार इसी पावन स्थल पर हुआ था। महाभारत काल में पंचनद क्षेत्र का विशेष महत्व था। पंचनद सेना ने युद्ध में हिस्सा लिया था और पांडवों ने यहां विजय प्राप्त की थी। एक अन्य लोककथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अंतिम समय में अर्जुन को गोपिकाओं सहित पंचनद जाने का आदेश दिया था।









तुलसीदास और बाबा साहब महाराज का मिलन



पंचनद की यह भूमि संत परंपरा के लिए भी बेहद पावन मानी जाती है। माना जाता है कि यही संत श्री मुकुन्दवन (बाबा साहब) महाराज और गोस्वामी तुलसीदास जी का दिव्य मिलन हुआ था। तुलसीदास जी ने यहां प्रवास के दौरान सुंदरकांड की रचना की थी। पंचनद संगम के जल में स्नान करने से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि यहां स्नान करने से लोक और परलोक दोनों का कल्याण होता है। इसी विश्वास के चलते हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पंचनद में डुबकी लगाने आते हैं।




चार नवंबर को यमुना आरती से होगा शुभारंभ



वार्षिक पंचनद महोत्सव का शुभारंभ 4 नवंबर (मंगलवार) को शाम 5:30 बजे भव्य यमुना आरती से होगा। इसके अगले दिन 5 नवंबर (बुधवार) की भोर 3 बजे से पंचनद स्नान प्रारंभ होगा।

महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, भजन संध्या, कथा-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियों का आयोजन होगा। अंतिम दिन महाआरती और हवन के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा।
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बाबा साहब मंदिर वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद





पिछले साल की तरह इस बार भी यातायात की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई हैं।

- मनोज कुमार सोनी, एसडीएम माधौगढ़
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