आटा। चार दिन पहले खराब हुई नलकूप की पैंकिग अब तक सही नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से स्थानीय लोग खारे पानी और दूसरे के घरों से पानी लेकर प्यास बुझानें को मजबूर हैं, हालांकि कुछ दिनों से कस्बे में पानी का टैंकर आ रहा है। उसके बावजूद भी लोगों को पानी की जरूरत पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
आटा में जलसंस्थान द्वारा सालों पहले दो नलकूपों लगवाए गए थे, जो कस्बे की 18 हजार लोगों को पेयजल पूर्ति करते हैं। चार दिन पहले एक नलकूप की पाइपों में लगी पैकिंग अचानक लीक करने लगी। जिससे पानी बोर में जाने लगा। पानी बोर में जाने से कस्बे के ऊंचाई वाले इलाके में पानी की सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। लीकेज के चार दिन बीत जाने के बाद भी पैकिंग सही नहीं हो पाई है। इससे लोग हैंडपंप से प्यास बुझा रहे हैं। उनसे दूषित और खारा पानी आ रहा है।
प्रभावित इलाके में सुबह टैंकर आने पर कुछ लोगों को ही पानी मिल पा रहा है। सबको पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।अंजनी तिवारी, किशोर तिवारी, संजय, अंकुश, मेहंदी हसन, शशिकांत, अतुल, श्यामजी तिवारी ने बताया कि पिछले चार दिन से हमारे घरों में सरकारी नलकूपों से पानी एक बूंद नहीं टपकी है। गर्मी से काफी परेशानी हो रही है। ऑपरेटर हरीशंकर ने बताया कि नलकूप के पाइपों की पैकिंग चार दिन से लीक हो रही है। पैकिंग लीक होने से पानी बोर में चला जाता है। इसलिए ऊंचाई वाले इलाके में पानी नहीं पहुंच रहा है।
वर्जन-
मामला संज्ञान में आया है, कल कर्मचारियों को भेजकर नलकूप की पैकिंग बदल दी जाएगी। - आलोक कुमार, जेई, जलसंस्थान