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अइसन आशीर्वाद दिहऊ छठ मैया,खिली उठे कोखिया हो हमार

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अस्त होते सूर्य को नमन करतीं महिलाएं। - फोटो : ORAI
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उरई (जालौन)। डाला छठ पर पूजा के लिए रामकुंड पर भक्तों की भीड़ जुटीं। महिलाओं ने जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर आशीर्वाद मांगा। विधायक गौरीशंकर वर्मा भी पूजा में शामिल हुए।
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व्रत रखने वाली महिलाओं ने शुक्रवार सुबह घरों में घी गुड़ और आटे से ठकुआ का प्रसाद बनाया। शाम को डाला और सूप में लाल कपड़े में सेब, अनार, नारियल, संतरा, सिंघाड़ा, अमरूद, गन्ना, मूली आदि रखे। पुरुष डाला को सिरों पर रखकर घाट पर पहुंचे। रामकुंड बड़ी संख्या में भक्त जुटे। घाट ‘छठ का आज है पावन त्योहार, अइसन आशीर्वाद दिहऊ ये छठ मैया, हे छठ मैया कि खिली उठे कोखिया हो हमार। हे माई गंगा के तीरे तोर निखेर लाल चेहरा पूजा ला जग संसार। पहला अर्घ्य ले हे सूर्यदेव खुशी-खुशी घर जाए’ जैसे गीतों से गूंजता रहा।
छठ पूजा समिति के अध्यक्ष संजय साहनी ने बताया कि सूर्य नारायण और मां भगवती (शक्ति) की उपासना के व्रत छठ पर उगते और अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। ये परंपरा सभी के प्रति उदारता का संदेश देती है। डॉ राजीव सिंह, प्रकाश कुमार, डॉ संजय सिंह, सुधाकर, वंसत मिश्रा, नित्यप्रकाश उपाध्याय, हरीश, संजीव साहनी, दीनानाथ तिवारी, रवींद्र लाल श्रीवास्तव, तारकेश्वर तिवारी, केएम तिवारी, मुकेश श्रीवास्तव, जुगल किशोर सिंह ने कहा कि छठ मानव शरीर की शुद्धि के लिए समूचे सामाजिक परिदृश्य की स्वच्छता का महान उत्सव है।
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शैलेंद्र पाठक, धनंजय महाराज ने बताया कि शुभ मुहूर्त में पूजन करने पर दोगुना फल मिलता है। अंकित तिवारी व ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं व्रत का पारण करेंगी। सुबह पांच बजे रामकुंड पर अर्घ्य दिया जाएगा।
सेल्फी ली और थिरकीं
छठ पूजा को लेकर व्रती महिलाओं के साथ युवतियों भी पहुंची थीं। उन्होंने पूजा के दौरान सहेलियों के साथ रामकुंड के अलग अलग घाट पर सेल्फी ली। लाउड स्पीकर पर बजे रहे गीतों पर थिरकीं भी।
नवविवाहिताओं को दिया आशीर्वाद
बुजुर्ग महिलाओं ने नवविवाहिताओं को व्रत का महत्व बताया और उन्हें जल्द गोद भरने का आशीर्वाद दिया। मनोरमा, कमलेश, वासमती देवी, विनीता आदि ने बताया कि परिवार में खुशहाली व संतान प्राप्ति और निरोगी काया के लिए छठ व्रत किया जाता है।
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