विकास भवन में धरना देते पंचायत सचिव।
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उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के बैनर तले पंचायत सचिवों ने सोमवार को विकास भवन परिसर में धरना दिया। पदाधिकारियों ने अधिकारियों पर ग्राम पंचायत अधिकारियों, ग्राम पंचायत सचिवों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान ने समस्याओं के निराकरण का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
धरना सभा में संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष पवन तिवारी ने कहा कि फील्ड में होने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों का निराकरण नहीं किया जा रहा है। गोशालाओं में तैनात श्रमिकों के भुगतान के लिए कोई स्पष्ट शासनादेश नहीं है। इससे भुगतान में दिक्कत आती है। धीरेंद्र कुमार ने कहा कि कई सामुदायिक शौचालय निर्मित हो चुके हैं लेकिन उनका भुगतान लटका हुआ है। सीमेंट, सरिया आदि देने वाले भुगतान के लिए दबाव डाल रहे हैं। इससे पंचायत अधिकारी मानसिक रूप से परेशान हैं।
मनोज गौतम ने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने मनमाने तरीके से पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया। निलंबित सचिवों को तत्काल बहाल किया जाए। अश्वनी गुबरेले ने कहा कि अगर जिला प्रशासन ने उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं रोकी तो आंदोलन किया जाएगा। रामबिहारी वर्मा की अध्यक्षता में हुए धरना में मेहरबान सिंह, प्रवीण रत्नम, शीलनिधि शुक्ला, अंकित निरंजन, अभिनव पाठक, वर्षा चौहान, साधना राठौर, आयुषी अग्रवाल आदि रहे। संचालन नौशाद अली ने किया।