जालौन। जालौन को उरई विकास प्राधिकरण में शामिल किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में बसपाई आ गए हैं। मंगलवार को नगर की समस्याओं को लेकर बसपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन एसडीएम विनय कुमार मौर्य को सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि नगर में अनियमित तरीके से हाउस टैक्स बढ़ाया गया था। चुनाव के समय सभी दलों के उम्मीदवारों ने हाउस टैक्स को कम करने का वादा किया था। चुनाव के बाद इस दिशा में कुछ नहीं किया गया। पार्टी के नेताओं ने राज्यपाल से मांग कि है कि नगर पालिका जालौन को उरई विकास प्राधिकरण में शामिल न किया जाए। इससे यहां के बाशिंदों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगी और नगर की पहचान भी प्रभावित होगी।
मांग की कि जालौन विधानसभा को पृथक किया जाए ताकि इस क्षेत्र का विकास हो सके। शिक्षा का स्तर सुधारने व समान शिक्षा के तहत पूरे प्रदेश में सभी स्कूलों में एक ही पाठ्यक्रम लागू किया जाए। बसपा नेता डॉ. रमेश दोहरे, नरेश बाबू सोनी, दुर्गा प्रसाद, नरेंद्र वर्मा, राजेश कुमार, निर्मल जाटव, अवनीश दीक्षित, अजय, अश्वनी कुमार, मनीष कुमार, वसीम, रफीक, बंगाली, सुमित, सुनील, शहीद आदि मौजूद रहे।