उरई/कोंच। तहसील दिवस का उद्देश्य होता है कि आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो, लेकिन अब यह कार्यक्रम सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है। शनिवार को 185 में शिकायतों में 23 का ही समाधान किया गया। जालौन में एक भी शिकायत का निपटारा नहीं हो सका।
कोंच ब्लॉक कार्यालय के सभागार में आयोजित तहसील दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कुल 42 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से केवल आठ का ही निस्तारण हो सका। शेष फरियादी निराश होकर लौट गए।
सभासद विनोद सोनी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भरे गए फॉर्मों की जांच के बावजूद डूडा कार्यालय में जमा न होने की शिकायत की। वहीं रविकांत कुशवाहा, लकी द्विवेदी और महेंद्र कुशवाहा ने भगत सिंह नगर में नगर पालिका द्वारा कराए गए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बरसात को देखते हुए नगर में जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए नालों की तत्काल सफाई सुनिश्चित कराई जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी निशांत पांडेय, सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा, एसडीएम ज्योति सिंह और सीओ परमेश्वर प्रसाद भी मौजूद रहे।
वहीं, उरई में एसडीएम नेहा ब्याडलवाल के समक्ष 38 शिकायतें आईं, जिनमें से केवल पांच का निस्तारण हो सका। कालपी में एसडीएम सुशील कुमार सिंह और सीओ अवधेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में 36 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 7 का समाधान हुआ। माधौगढ़ में एसडीएम मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता और प्रभारी तहसीलदार भुवनेंद्र कुमार की मौजूदगी में 37 शिकायतों में से सिर्फ तीन का निस्तारण हो पाया। जालौन में एसडीएम विनय मौर्य और सीओ शैलेंद्र कुमार बाजपेयी की उपस्थिति में कुल 32 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन एक भी शिकायत का समाधान नहीं हो सका। जिले भर में आयोजित समाधान दिवस में 185 शिकायतें आईं। इसमें 23 का ही समाधान हो सका।