बैंक में पैसा जमा कराने के लिए लाइन में लगे लोग
नोट बंदी के बाद 24 नवंबर यानि आज 500 व 1000 रुपये के पुराने नोटोें को बदलने की अंतिम तारीख है। इसके चलते बुधवार को बैंकों के बाहर नोट बदलने के लिए लोगों की लाइनें लगीं रहीं। नोट बंदी के 15वें दिन उरई और जालौन के शहरी क्षेत्रों में अधिकांश बैंकों में पुराने नोटों को नहीं बदला गया। इसके चलते घंटों लाइन में लगकर नोट बदलवाने के लिए
आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। गौरतलब है कि 8 नवंबर के बाद से कुछ निर्धारित स्थानों को छोड़कर 500 व 1000 के नोट नहीं लिए जा रहे हैं। इन नोटों को बदलवाने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा 24 नवंबर तक की घोषणा की गई है। इसके बाद से ही नोट बदलवाने के लिए लोगों को काफ ी संघर्ष करना पड़ रहा है। घंटों लाइन में लगने के बाद जब लोग बैंक
के काउंटर पर पहुंचते हैं तो उन्हें पता चलता है कि कैश खत्म हो गया है। वहीं कुछ बैंक सिर्फ अपने खाता धारकों के ही पुराने नोट बदल रहे हैं। इसके चलते लोगों को काफ ी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। लोग अपने रोजमर्रा के खर्चों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
निर्देश के बावजूद नहीं बदले जा रहे नोट
बुधवार को नगर की अधिकांश बैंकों में नोटों को नहीं बदला गया है। रिजर्व बैंक व भारत सरकार के निर्देशों के बावजूद स्थानीय बैंकों द्वारा इन निर्देशों की अवहेलना की गई। इससे आम लोगों में आक्रोश है। लोग प्रधानमंत्री के निर्णय की सराहना तो कर रहे है लेकिन बैंकों की कार्यशैली से परेशान हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक व एक्सिस बैंक के एटीएम शुरू होने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है। परेशान लोगों ने रिजर्व बैंक के आला अधिकारियाें से मांग की कि बैंकों को नोट बदलने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं।
30 दिसंबर तक बैंक में जमा कर सकेंगे नोट
एमडीएम सिद्धार्थ पाल ने बताया कि नोट बदलने के लिए भले ही 24 नवंबर आखिरी तारीख हो लेकिन पुराने नोटोें को खाते में जमा करने की मियाद 30 दिसंबर तक है। उन्होंने कहा कि खाता धारकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे आराम से 30 दिसंबर तक अपने रुपये बैंकों में जमा करा सकते हैं।