उरई। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव और बस्ती-बस्ती तक पहुंच रही नल जल सप्लाई की हकीकत जानने के लिए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह तीन दिन के दौरे पर हैं। शुक्रवार को वह जालौन पहुंचे और डकोर ब्लॉक के तीन गांवों में पहुंचकर वहां की स्थिति को देखा। अधिकारी उन्हें चुनिंदा स्थानों पर ले गए, जहां दो दिन पहले ही नल की टोटियों को लगाया गया था। मंत्री से लोगों ने जब संवाद करने की कोशिश की तो उन्हें अधिकारियों ने चुप करा दिया।
डकोर ब्लॉक के इंगुई खुर्द, पचोखरा और सैदनगर गांवों में शुक्रवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव व प्रबंध निदेशक जल निगम ग्रामीण डॉ. राजशेखर अधिकारियों के साथ गांवों में पहुंचे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में पहले पानी के लिए लोग परेशान रहते थे। ट्रेन से पानी मंगाना पड़ता था, लेकिन अब हर घर तक नल का जल पहुंच रहा है। यह बदलाव प्रधानमंत्री की परिकल्पना और मुख्यमंत्री की कार्ययोजना का प्रत्यक्ष परिणाम है।
मजे की बात तो यह है कि अधिकारियों ने दो दिन पहले नलों की टोंटियों को जिन घरों में लगाई थी, वहीं मंत्री जी को लेकर पहुंचे और वाहवाही लूट ली। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों को पता चल गया था कि मंत्रीजी आने वाले हैं, तो उन्होंने दो दिन पहले ही टोंटियों को लगवा दिया है। कुछ ग्रामीणों ने जब हकीकत को देखने के लिए कहा तो अधिकारियों ने उन्हें चुप करा दिया।
वहीं, चावनपुरा गांव के लोगों ने मंत्री को ज्ञापन देकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करवाने की मांग की। इस पर उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, व जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री बोले, अम्मा भूख लगी है, कुछ मिलेगा क्या
सैदनगर गांव में निरीक्षण के दौरान जब टीम बुजुर्ग महिला विद्या के घर जल व्यवस्था देखने पहुंची तो मंत्री ने सहज भाव से कहा कि अम्मा भूख लगी है, कुछ मिलेगा क्या इस पर महिला ने आत्मीयता से उन्हें भोजन पर आमंत्रित किया। मंत्री, प्रमुख सचिव व अन्य अधिकारी खाट पर बैठकर घर के सदस्यों संग भोजन किया। इसके बाद वह पचोखरा गांव पहुंचे और कई घरों में जल से नल की स्थिति को देखा।
मंत्री ने न सुनी पीड़ा, न अधिकारियों ने लिया संज्ञान
उरई। पेयजल योजना की हकीकत जानने आए मंत्री को ग्रामीणों की समस्याएं नहीं दिखाई दीं। पचोखरा गांव के चिमन, अमृत और सोहन ने बताया कि मंत्री आए जरूर थे, लेकिन ग्रामीणों की कोई बात नहीं सुनी गई। लोगों ने बताया कि जहां अधिकारियों ने पहले से व्यवस्था बना रखी थी, सिर्फ वही इलाका दिखाया गया। गांव के अधिकांश हिस्सों में महीनों से पानी की सप्लाई नहीं है। जो नल लगे हैं, वह भी सफेद हाथी हैं। दौरे से ठीक दो दिन पहले कुछ नलों को चालू कर दिखावटी व्यवस्था की गई। कई घर अब भी नल कनेक्शन से वंचित हैं। गुरु आश्रम के पास पानी की लाइन में लीकेज की समस्या है, जब भी लाइन चेक होती है, वहां पानी बहने लगता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस बारे में शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि पिछली बार भी जब मंत्री दौरे पर आए थे, उसके अगले ही दिन छौलापुर में पेयजल टंकी के खंभे गिर गए थे, जिससे शासन-प्रशासन की भारी किरकिरी हुई थी। तब खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सवाल उठाए थे। इसके बावजूद अब तक न योजनाओं की दिशा बदली, न प्रशासन की नियत। ग्रामीण आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। (संवाद)