उरई। पशुधन, दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि किसानों को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से जोड़ें, जिससे पशुपालन का ग्राफ बढ़े। किसानों को खेती के अलावा आमदनी का स्रोत मिले। उन्हें योजना के लाभों के बारे में जागरूक करें। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अन्ना गोवंशों से किसानों को नुकसान होता है तो अफसरों पर कार्रवाई होगी।
कैबिनेट मंत्री ने सोमवार को विकास भवन सभागार में डीएम राजेश कुमार पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी और अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि हर हाल में 31 दिसंबर तक निराश्रित गोवंशों को आश्रय स्थलों में संरक्षित करें। इसमें लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी। खेतों, सड़कों, गांव या नगर कस्बों की गलियों में घूम रहे निराश्रित गोवंशों को काजीहाउस भेजें। गोशाला के उचित प्रबंधन में चेयरमैन, ब्लाॅक प्रमुख व प्रधान सहयोग करें। विशेष सचल दस्ते, ट्रैक्टर एवं कैटल कैचर की सहायता लें। पशुधन विभाग पंचायती राज, ग्राम विकास, राजस्व एवं नगर निकाय विभाग से सहयोग ले।
यह भी कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह गाय के गोबर से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाकर आय में वृद्धि करें। गोबर से खाद बनाकर फसलों में प्रयोग करवाएं। कृत्रिम गर्भाधान के साधन अपनाकर देसी नस्लों को जर्सी गाय व अन्य नस्लों में करें। बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण से बुंदेलखंडी जिलों को लाभ होगा। एसपी ईरज राजा, सीडीओ भीमजी उपाध्याय, डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी, सीवीओ निर्मल कुमार, डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद गुप्ता मौजूद रहे।