फोटो - 41 आरोपी शाहिद अली उर्फ शानू बिजली।
उरई। कालपी बस स्टैंड पर हुई आगजनी और उपद्रव की घटना में शामिल दो आरोपियों पर प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की कार्रवाई करते हुए उन्हें एक वर्ष के लिए निरुद्ध किया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के आदेश पर की गई है। इस घटना के मुख्य आरोपी सहित तीन पर पहले ही एनएसए की कार्रवाई हो चुकी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कालपी बस स्टैंड के पास 29 अगस्त को शताब्दी बस कार्यालय पर सवारी बैठाने को लेकर बजरिया निवासी माजिद उसके भाई शादाब ने अपने साथियों के साथ मिलकर बवाल किया था। आरोपियों ने दुकान में घुसकर दंपती से भी अभद्रता की थी। इसके बाद वहां दो बाइकों में आग लगा दी गई थी। मामले में शहर निवासी अभिषेक व अंशु गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पटेल नगर निवासी सुरेंद्र निरंजन ने पुलिस को मामले में तहरीर दी। इसमें बताया कि शुक्रवार की देर रात करीब 10 बजे वह दुकान में बैठा था। इसी दौरान बजरिया निवासी शादाब खान व उसका भाई माजिद खान उसके पड़ोसी की दुकान पर पहुंचे। वहां बैठी युवती यात्री के साथ अश्लील हरकतें करने लगे।
इस पर हंस बाबा की दुकान पर बैठे अभिषेक निरंजन ने मना किया। इस पर इन लोगों ने अभिषेक पर डंडे और सरिया से हमला कर दिया। कुछ ही देर में इन लोगों ने बजरिया से लगभग 40-50 लड़कों को बुलाकर तोड़फोड़ की और उपद्रव करने लगे। इसके बाद दुकान से रुपये लूट लिए। इसके बाद पास स्थित कमल बस सेंटर संचालक दिलशाद ने बाइकों में आग लगा दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर मुख्य आरोपी माजिद उसके भाई शादाब व मकबूल को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद प्रशासन ने माजिद के फार्म हाउस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए माजिद उसके भाई शादाब व मकबूल के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की थी।
इसी मामले में पुलिस ने बजरिया निवासी शाहिद अली उर्फ शानू बिजली व श्याम नगर निवासी दिलशाद के खिलाफ प्रशासन ने एनएसए की कार्रवाई की है। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने 8 नवंबर 2025 को दोनों आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत निरुद्ध आदेश जारी किया। वर्तमान में दोनों आरोपी उरई जिला कारागार में बंद हैं और उन्हें आगामी एक वर्ष तक वहीं निरुद्ध रखने के आदेश तामील करा दिए गए हैं।
फोटो - 41 आरोपी शाहिद अली उर्फ शानू बिजली।