उरई (जालौन)। झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के सरसौखी से उसरगांव स्टेशन के बीच नान इंटरलाकिंग (एनआई) का काम रविवार से शुरू हो गया। काम के लिए 12.40 बजे से 4.40 बजे तक का पावर एवं ट्रैफिक ब्लाक लिया गया था। इस दौरान ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा। इसके बाद भी जो ट्रेनें निकाली गई, वह भी 15 किलोमीटर की स्पीड से गुजारी गई।
सरसौखी से उसरगांव रेलवे ट्रैक के 19 किलोमीटर के दोहरीकरण के काम में तेजी आ गई है। आटोमैटिक मशीन से ट्रैक में बेल्डिंग का काम हो रहा है। साथ ही दूसरी मशीन से ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा है। इसके साथ ओएचई मशीन से इलैक्ट्रिक तारों का काम भी चल रहा है। ट्रेनों के संचालन को सुचारु करने के लिए रेलवे कर्मचारियों की टीम स्टेशन मास्टर आफिस में बनाए गए कंट्रोल रूम में प्रोग्रामिंग का काम कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने रसूलपुर स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस राहुल, भुआ स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस राजीव के साथ नंदखास, कालपी, रसूलपुर और मोंठ से चार प्वाइंटमैनों की ड्यूटी भी लगा दी है।
इसके साथ ही तीन यातायात निरीक्षक परितोष शर्मा, रेहानी और सुमन को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपनी देखरेख में पूरा काम संरक्षा नियमों का पालन कर तेजी से कराएं। इसके साथ ही सिग्नल और टेलीकॉम विभाग की टीम के साथ बिजली विभाग के कर्मचारी भी अपने अपने कामों में जुटे हैं। यातायात निरीक्षक परितोष शर्मा ने बताया कि अभी आटा स्टेशन पर काम चल रहा है। इसके बाद सरसौखी और उसरगांव भी एनआई का वर्क होगा।
पैसेंजर निरस्त होने से यात्रियों को हुई परेशानी
उरई। झांसी कानपुर पैसेंजर 51803 एवं 51804 को नान इंटरलाकिंग के चलते चार मार्च के लिए निरस्त कर दिया गया। इसके चलते यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। इस समय सहालग और त्योहार भी चल रहे है। ऐसे में स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। पैसेंजर जैसी ट्रेन के निरस्त होने के कारण लोग पूछताछ केंद्र के चक्कर काटते नजर आए। पूछताछ पर तैनात कर्मचारियों ने उन्होंने बताया कि यह ट्रेन 4 मार्च तक लिए निरस्त कर दी गई है। जबकि कई ट्रेनों का रुट डायवर्ट कर दिया गया है।
रात में बूथ पर बैठकर ट्रेन संचालन पर निगाह
उरई। आटा स्टेशन पर झांसी और कानपुर की तरफ दो झोपड़ी बनाई गई है। वहां दो प्वाइंट्समैन की तैनाती की गई है। जो रात में झोपड़ी (बूथ) में बैठकर ट्रेन संचालन पर निगाह रखेंगे। उनके पास रेड व ग्रीन टार्च के साथ कंट्रोल का फोन भी रहेगा, जिससे वह आपात स्थिति में बात कर सकेंगे।
आटा स्टेशन पर ट्रेन संचालन की प्रोग्रामिंग करते कर्मचारी।- फोटो : ORAI