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कंप्यूटर हैं नहीं, खरीदा तीन लाख का साफ्टवेयर

Fri, 26 Aug 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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Fraud
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नगर पंचायत रामपुरा में गजब का खेल हुआ है। मामला ये है कि नगर पंचायत ने जन्म मृत्यु प्रमाण बनवाने के नाम पर करीब 3 लाख 20 हजार का साफ्टवेयर खरीद लिया, लेकिन मजे की बात तो यह है कि कंप्यूटर है ही नहीं। ऐसे में अधिकारी साफ्टवेयर का क्या करेंगे ये बड़ा सवाल है। यह जानकारी पिछले दिनों एक समाजसेवी की ओर से डाली गई आरटीआई में
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निकलकर सामने आई है। नगर पंचायत अध्यक्ष इस पूरे मामले से बचते हुए गोलमोल जवाब दे रहे हैं। पंचायत सभासदों ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर निष्पक्षता से मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शासन की मंशा है कि नगर पंचायत में मानक व प्राथमिकता से विकास कार्य कराए जाएं। अन्य सामानों की खरीद फरोख्त में मानकों का

भी खास ख्याल रखा जाए, लेकिन नगर पंचायत रामपुरा में शासनादेशों का मखौल उड़ाया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए क्षेत्रीय लोगों को परेशान न होना पडे़, इसको लेकर नगर पंचायत ने तीन लाख 20 हजार रुपये का साफ्टवेयर खरीदा। खास बात तो ये कि नगर पंचायत कार्यालय में जब कंप्यूटर ही नहीं है तो
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साफ्टवेयर क्या करेगा। इस बाबत पंचायत सभासद राजेंद्र यादव, संजय हवेली, मोहम्मद शमीम आदि ने जिलाधिकारी संदीप कौर को शिकायती पत्र भेजा है और जांच कराकर कार्रवाई

करने की मांग की है। उधर सूत्र ये भी बता रहे हैं कि जो साफ्टवेयर लाखों में लिया गया उसकी कीमत 30 से 40 हजार रुपये के बीच है। इससे मामले में खेल होने की बू आ रही है। इतना बड़ा बजट पास होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के ऐसा होना मुश्किल है।

बोले जिम्मेदार
मामला संज्ञान में नहीं हैं। फिर भी अगर शिकायत आती है तो इस मामले की जांच कराएंगे। जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। शिकायत सही मिली तो दोषियों पर रिकवरी से लेकर विभागीय तक कार्रवाई की जाएगी।-सुरेश चंद्र, एसडीएम, माधौगढ़

नगर पंचायत अध्यक्ष बोले, कंप्यूटर हैं
इस संदर्भ में नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार खटीक ने साफ्टवेयर खरीदे जाने से ही मना कर दिया। इसके अलावा उन्होंने नगर पंचायत में कंप्यूटर उपलब्ध होने की बात भी कही। हालांकि दावा नहीं किया और कहा कि यह सब बाबुओं को पता होता है, मुझे नहीं। जब उनसे आरटीआई में निकली जानकारी की बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।            
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