फोटो - 22 मृतक भूरे कठेरिया की फाइल फोटो।
सिरसा कलार। थाना क्षेत्र के दहेलखंड गांव में पत्नी की मौत के नौ दिन बाद बुधवार को पति ने भी फंदा लगाकर जान दे दी। पत्नी की मौत के मामले में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने की आशंका से वह मानसिक तनाव में था। उसका शव यमुना किनारे जंगल में बबूल के पेड़ से लटका मिला। घटनास्थल को लेकर सिरसा कलार और कालपी पुलिस करीब दो घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही।
दहेलखंड निवासी भूरे कठेरिया (26) की पत्नी शिवानी (24) का शव 11 अक्तूबर की रात घर में फंदे से लटका मिला था। अंतिम संस्कार के बाद शिवानी की मां सीमा देवी निवासी भिटारी ने भूरे, उसके पिता लालाराम और मां मुन्नी देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के आरोप में तहरीर दी थी। परिजनों के मुताबिक, घटना के आठ दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था और मायके पक्ष के लोग कार्रवाई के लिए थाने के चक्कर लगा रहे थे।
पत्नी की मौत के बाद से भूरे मुकदमा दर्ज होने की आशंका को लेकर मानसिक तनाव में था। बताया गया कि उसने अपनी सास से मुकदमा दर्ज न कराने की कई बार गुहार भी लगाई थी। बुधवार दोपहर वह घर से निकल गया। बाद में यमुना किनारे नरहान जंगल के पास बबूल के पेड़ पर उसका शव फंदे से लटका मिला। खेतों में काम कर रहे किसानों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
सीमा विवाद में दो घंटे उलझी रही पुलिस
यमुना किनारे जंगल में शव मिलने के बाद घटनास्थल के अधिकार क्षेत्र को लेकर सिरसा कलार और कालपी पुलिस के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। करीब दो घंटे तक सीमा विवाद के चलते कार्रवाई में देरी हुई। सिरसा कलार थाना प्रभारी वरुण प्रताप ने बताया कि घटनास्थल कालपी कोतवाली क्षेत्र में आता है। उनकी ओर से मौके पर छानबीन की गई थी। बाद में कालपी कोतवाली प्रभारी अजय कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
तीन साल की बेटी के सिर से उठा माता-पिता का साया
महज नौ दिन के भीतर पति-पत्नी की मौत से गांव में शोक का माहौल है। दोनों की तीन साल की बेटी अब अनाथ हो गई है। मां की मौत के बाद पिता ही उसका सहारा था, लेकिन उसकी मौत के बाद बच्ची के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को लेकर परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है।