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Jalaun News: मिर्जापुर की सड़क कई जगह धंसी, तीन हजार लोगों की मुसीबत

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उरई। रामपुरा ब्लॉक के मिर्जापुर जागीर गांव को जोड़ने वाली दस साल पुरानी मुख्य सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन चुकी है। करीब दो सप्ताह से यह सड़क कई जगह धंस चुकी है। हालात यह हैं कि कोई नया वाहन चालक इस रास्ते से गुजरे तो बड़ा हादसा हो सकता है। गांव से जुड़ने का यही एक मात्र रास्ता है।
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रामपुरा ब्लॉक के मिर्जापुर जागीर गांव की आबादी करीब तीन हजार है। जर्जर सड़क पर ग्रामीण मजबूरी में आना-जाना कर रहे हैं। गांव के अखिलेश राजपुरिया, छोटे लाल कुशवाहा, नरेश, नरेंद्र चतुर्वेदी, सत्यम और श्रीकृष्ण कुशवाहा ने बताया कि सड़क तीन से चार जगहों पर धंस चुकी है। बड़े वाहन तो निकल ही नहीं पा रहे हैं। छोटे वाहन चालक भी किसी तरह हिम्मत करके इस रास्ते से गुजरते हैं।
जगह-जगह पानी भरने और कीचड़ जमने से पैदल चलने वालों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। बारिश का पानी कटाव बढ़ा रहा है और गड्ढे गहरे होते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क करीब 10 साल पुरानी है, लेकिन उसकी देखरेख कभी नहीं हुई। बारिश ने इस बार सड़क को और कमजोर बना दिया है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इस रास्ते से मिर्जापुर जागीर ही नहीं बल्कि मड़ैया और अंदेला गांव के लोग भी जुड़े हुए हैं। हर दिन सैकड़ों ग्रामीण इसी मार्ग से रामपुरा ब्लॉक तक जाते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीण नरेश ने कहा कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो पूरी सड़क धंस जाएगी और गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाएगा। छोटे लाल कुशवाहा का कहना है कि रोजाना बच्चों और बुजुर्गों को इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। इससे उनके गिरने और चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं। गांव के लोग चिंता में हैं कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो किसी राहगीर के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क के दोनों तरफ कीचड़ का अंबार है और सफाई नहीं हो रही है।


ग्रामीणों की बात-
फोटो- 03सत्यम
सत्यम चतुर्वेदी ने बताया कि कई सालों बाद सड़क बनी थी। अब बारिश से धसकना शुरू हो गई है। नीचे से मिट्टी धसक रही है। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता है।

फोटो-04 छोटेलाल
छोटेलाल कुशवाहा ने बताया कि जो नए वाहन चालक हैं, उनके लिए बड़ी परेशानी है। न तो कोई सुरक्षा के इंतजाम हैं, न ही विभाग ने इसको बंद किया है। रात के समय अगर कोई वाहन आएगा तो वह सीधे खंती में जाकर गिरेगा।
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वर्जन-
सड़क धंसने की जानकारी हुई है। जल्द ही मौके का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
- दीपांकर कटियार, जेई, पीडब्ल्यूडी
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