रेलवे स्टेशन पर प्रवासी कामगारों को खाने का सामान देते रेल कर्मचारी
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उरई। आंध्र प्रदेश के ओंगल (विजयवाड़ा) से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 3.38 बजे कुछ यात्रियों ने उरई स्टेशन पर चेन पुलिंग कर दी और ट्रेन से उतर गए। बिना स्टापेज वाली ट्रेन में चेन पुलिंग से हड़कंप मच गया। यह ट्रेन आठ मिनट खड़ी रही। बाद में सुरक्षा बलों ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि सभी जालौन के ही निवासी है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर रोडवेज बसों से उन्हें गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।
प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को ओंगल से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन का उरई में स्टापेज नहीं था। यह ट्रेन झांसी से सीधे कानपुर रुकनी थी। मंगलवार की तड़के 3.38 बजे जब यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर तीन से गुजर रही थी। प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर पहले से ही ट्रेनें खड़ी थी। यह ट्रेन धीमी गति से जा रही थी। तभी कुछ यात्रियों ने ट्रेन में चेन पुलिंग कर दी और उतरने लगे। यात्रियों को उतरता देखकर हड़कंप मच गया। आरपीएफ और जीआरपी जवान मौके पर पहुंचे और उन्होंने सभी यात्रियों को वेटिंग हाल में क्रम से बैठाया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। स्वास्थ्य टीम ने सभी का परीक्षण किया। अनूप सक्सेना ने बताया कि इस ट्रेन का स्टापेज यहां नहीं था। लेकिन यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी और उतर गए। ट्रेन में 15 बच्चों समेत 120 यात्री थे। सभी जालौन के माधौगढ़ व कालपी क्षेत्र के निवासी थे। इनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रोडवेज बसों से गंतव्य की ओर भेजा गया। चेन पुलिंग के कारण ट्रेन 8 मिनट खड़ी रही। इसके बाद 3.46 पर रवाना हुई। इस दौरान तहसीलदार कर्मवीर सिंह, एआरएम रोडवेज केएन चौधरी भी मौजूद रहे। लेट आने वाली ट्रेनों में रेलवे कर्मचारियों ने पानी, बिस्कुट और का वितरण किया।