उरई। जिले में दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और तपिश से परेशान लोगों को अब राहत महसूस हो रही है। चार दिन पहले जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था, वहीं लगातार हुई बारिश के बाद यह गिरकर 34.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। न्यूनतम तापमान भी घटकर 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने के कारण दोपहर के समय उमस लोगों को परेशान करती रही।
जिले में सुबह और शाम के समय बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो उमस से भी राहत मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिक विस्टर जोशी के अनुसार मानसून अब जिले में सक्रिय स्थिति में है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण आगामी दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण अधिकतम तापमान में करीब साढ़े छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण उमस महसूस हो रही है। यदि अगले कुछ दिनों तक लगातार वर्षा होती है तो तापमान में और गिरावट आ सकती है तथा वातावरण अधिक सुहावना हो जाएगा।
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अवनीश बनौधा ने बताया कि बारिश के बाद बढ़ी हुई आर्द्रता के कारण बुजुर्गों, बच्चों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का भोजन करने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी।
इधर, किसान खरीफ फसलों की बोआई में जुट गए हैं और धान, उड़द, तिल तथा मूंगफली जैसी फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से बुवाई कार्य में तेजी आई है और किसानों के चेहरों पर संतोष दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के जानकारों का अनुमान है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा और जिले में बीच-बीच में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।