मौसम की बेरुखी से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। पारा 40 डिग्री के पार हो जाने से गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। चिलचिलाती धूप में चल रही पछुआ हवाएं गर्म थपेड़े सी लग रही है। हालत यह है कि दोपहर में घर से निकलना लोंगो का मुश्किल हो रहा है। जो लोग जरूरी काम से निकले भी वह धूप व गर्म हवाओं से बचने का पूरा इंतजाम किए
रहे। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 2.10 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई। सोमवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था जो मंगलवार को बढ़कर 40.10 पर पहुंच
गया। वहीं न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे गर्मी पूरे चरम पर रही। सुबह से ही सूरज की किरणों ने आग उगना शुरू कर दिया था, दोपहर तक स्थिति यह हो गई कि तेज धूप के चलते सड़कों पर सन्नाटा सा पसर गया। जो इक्का दुक्का लोग सड़कों पर नजर आए भी वह धूप व गर्म हवाओं से बचते दिखे। गर्मी से आम जनमानस बुरी तरह बेहाल रहा।
इस समय गर्मी अपने चरम पर है, इसके बाबजूद प्रशासन बेसुध बना हुआ है। पूरे शहर में कहीं पर भी प्याऊ के इंतजाम नहीं किए गए। नगर पालिका से लेकर जिला प्रशासन तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
स्कूली बच्चों के लिए भी आफत बनी गर्मी
नई व्यवस्था के तहत नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। सुबह जब स्कूली बच्चे घर से निकलते है उस समय तो मौसम ठंडा रहता है। जब उनकी छुट्टी होती है तो चिलचिलाती धूप बच्चों के लिए आफत साबित होती है। बस्ते का बोझ, गरम हवा के थपेड़े सहने को बच्चे मजबूर हैं। पारा 40 के पार होने के बावजूद स्कूलों की ओर जिला प्रशासन का ध्यान नहीं है।
अप्रैल में ही मई जैसे हालात, लोग घरों में दुबके
भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। वहीं बिजली की अघोषित कटौती ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। लगातार बढ़ते पारे और चिलचिलाती धूप ने का जीना दुश्वार कर रखा है। ऊपर से बिजली की अघोषित कटौती के चलते घरों में पंखे-कूलर भी बेकार साबित हो रहे हैं। इसके इतर जो
लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं वे फुल स्लीव के कपड़े पहनकर निकल रहे हैं ताकि गर्म हवाओं से बचाव किया जा सके। लू के थपेड़ों से लोग परेशान हैं लोगों का मानना है कि अगर ऐसे में बिजली ही थोड़ा साथ दे दे तो इस जानलेवा गर्मी से कुछ राहत मिले।