उरई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अस्पतालों का कायाकल्प भी किया जाना है। अच्छे काम करने वाली चिकित्सा इकाइयों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके लिए सभी चिकित्सा इकाइयां तैयारियां शुरू कर दें। मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और संक्रमण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। यह निर्देश एसीएमओ डा. बीएम खैर ने दिए। वह सीएमओ कार्यालय स्थित अचल प्रशिक्षण केंद्र में कायाकल्प अवार्ड योजना के एक दिवसीय ओरिएटेंशन व जागरूकता प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे।
प्रशिक्षण देते हुए कायाकल्प योजना के जनपदीय परामर्शदाता डा. अरुण राजपूत ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत तीन स्तर पर परीक्षण होगा। इसमें अलग अलग मानकों पर अंक निर्धारित किए गए हैं। 70 फीसदी से अधिक अंक पाने वाली चिकित्सा इकाइयों को पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में मरीजों, तीमारदारों, स्टाफ व एंबुलेंस के लिए छायायुक्त वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाए। अस्पताल परिसर से अनुपयोगी सामानों को हटा दिया जाए और उसके लिए बाहरी क्षेत्र में एक कमरा बनाया जाएगा। बिजली और पानी संरक्षण के लिए भी कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए। अस्पताल स्टाफ को दक्ष किया जाए। अस्पताल में सूचक (इंडीकेटर) के माध्यम से सभी जगहों का चिह्नीकरण किया जाए। इस दौरान एसीएमओ डा. एसडी चौधरी, जिला टीबी अधिकारी डा. सुग्रीव बाबू के अलावा सभी सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सक और स्टाफ मौजूद रहे ।