उरई। नशीले पाउडर की तस्करी करने के मामले में मेडिकल स्टोर संचालक को दोषी पाते हुए अपर जिला जज राजीव सरन ने चार साल की कैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता अनूप उपाध्याय ने बताया कि 16 जून 2015 को उरई कोतवाली में तैनात एसआई ऋषभ कुमार सिंह को मुखबिर की सूचना मिली कि एक व्यक्ति जालौन बाईपास होते हुए शिवा पैलेस की ओर से आ रहा है। पुलिस पहुंची तो वह व्यक्ति भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुबोध बिहारी चतुर्वेदी निवासी मोहल्ला सुशीलनगर उरई बताया। बताया कि उसका मेडिकल स्टोर है।
पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास एक किलो चालीस ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ। पुलिस ने भागने का कारण पूछा तो उसने बताया कि मोहल्ले में एक चोरी की थी। जिससे वह पुलिस को देखकर भागने लगा था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ 20 अक्तूबर 2015 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। जिसका ट्रायल अपर जिला जज राजीव सरन की अदालत में चल रहा था। शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला जज ने दोषी पाते हुए चार साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।