उरई। जिले में खसरा के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। नदीगांव ब्लॉक के धनौरा (भैंड़) गांव में पांच बच्चे खसरा पीड़ित मिले हैं तो धनौराकलां में दो और गोपालपुरा में दो बच्चे खसरे से पीड़ित पाए गए है। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों का इलाज और दवा दी। साथ ही उनका टीकाकरण भी कराया।
नदीगांव ब्लॉक के धनौरा (भैंड़़) गांव में सागर (6) पुत्र गजराज सिंह, अंशिका (9) पुत्री दिलीप, आरुषी (5) पुत्री नरेंद्र, कार्तिक (8) पुत्र बलवीर सिंह, ईिशका (4) पुत्री सतीश कुमार खसरा पीड़ित पाए गए। इसी तरह जालौन ब्लॉक के धनौराकलां गांव में सुमित (9) पुत्र संतराम, गोपाल (5) पुत्र जितेंद्र भी खसरा पीड़ित मिले।
माधौगढ़ ब्लॉक के गोपालपुरा गांव में लक्ष्मी (4) पुत्री रवि, खुशबू (10) पुत्री अरविंद भी खसरा से पीड़ित मिली। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर टीकाकरण किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानीटर भी क्षेत्र में पहुंचे और टीकाकरण कराया। इससे पहले महेवा ब्लॉक जीतामऊ, शहर में लहरियापुरवा में भी खसरा के मरीज मिल चुके हैं।
खसरे के लक्षण
बुखार, सूखी खांसी, बहती नाक, गले में खराश, आंख आना, गाल, मुंह के अंदर के हिस्से में दाने व चकत्ते होना होता है। खसरा एक वायरस से फैलने वाली बीमारी है। जब खसरे से पीड़ित व्यक्ति खांसी, छींक या बात करता है तो संक्रमित बूंदे (कण) हवा में फैल जाते है और दूसरे को भी प्रभावित कर देते हैं।
टीम भेजकर कराई जा रही बच्चों की जांच
जहां भी खसरा के मामले आए हैं। वहां पर टीम भेजकर बच्चों की जांच कराई जा रही है। पता किया जा रहा है कि बच्चों का टीकाकरण हुआ है या नहीं। बच्चों के विटामिन ए की खुराक भी दी जा रही है। स्वास्थ्य टीम को अलर्ट कर दिया गया है। मौके पर जाकर शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण करें और उन पर नजर रखे।
डॉ. एसडी चौधरी, एसीएमओ