उरई। दयानंद वैदिक कॉलेज के गणित विभाग की ओर से शनिवार को व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत संख्यात्मक समाकलन और उसके अनुप्रयोग विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डीएवी कॉलेज कानपुर के प्रो. हेमंत कुमार ने न्यूमेरिकल इंटीग्रेशन की विधियों एवं उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को सरल और सहज तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि गणित केवल सैद्धांतिक विषय नहीं बल्कि दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान में अत्यंत उपयोगी है।
शुभारंभ गणित विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र सिंह चौहान ने किया। उन्होंने गणित के ऐतिहासिक विकास और उसकी महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। विज्ञान परिषद ऑफ इंडिया के सचिव एवं गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. आरसी सिंह चंदेल ने शून्य से लेकर दशमलव प्रणाली तक की अवधारणाओं को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न गणितज्ञों के योगदान और उनकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए गणित के व्यावहारिक महत्व को रेखांकित किया।
आईक्यूएसी सह-समन्वयक डॉ. राजेश पालीवाल ने ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर बल दिया। प्राचार्य प्रोफेसर राजेश चंद्र पांडेय ने भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित गणितीय सूत्रों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को इसे जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। संचालन डॉ. हरीश श्रीवास्तव ने किया। यहां डॉ. नीति कुशवाहा, डॉ. जितेंद्र प्रताप, डॉ. नीरज द्विवेदी आदि रहे।