‘सीमा पर विपरीत परिस्थितियों में देशवासियों को बाहरी हमलों से सुरक्षित
रखने वाले सियाचिन की बर्फ ीली चोटियों में दबकर शहीद हुए देश के 10
वीर सपूतों को समाजसेवियों ने श्रद्धांजलि दी। सि दौैरान शहीदों की याद में
नगर में युवाओं ने कैंडल मार्च भी निकाला।
सियाचिन में हुए हिमस्खलन
में शहीद हुए देश के 10 वीर सपूतों की याद में नगर के युवा समाजसेवियों ने
कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च झंडा चौराहे से सब्जी मंडी होते हुए बस
स्टैंड स्थित गांधी स्मारक पहुंचा। यहां समाजसेवी नितिन प्रधान भदवां व
अकरम सिद्दीकी ने संयुक्त रूप से अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा
कि हमारे देश के वीर जवान देशवासियों की सुरक्षा के
लिए विपरीत
परिस्थितियों से जूझते हैं। परिस्थितियां भी ऐसी जहां साधारण व्यक्ति एक
दिन भी नहीं गुजार सकता। ऐसे में हमने जिन जवानों को खोया है, उनकी भरपाई
नामुमकिन है। ईश्वर इन शहीदों के परिजनों को इस भारी दु:ख को सहन करने की
शक्ति दे। इस मौके पर नितिन पाल भदवां, अकरम सिद्दीकी, दीपक कुशवाहा,
असलम, सोहिब खान, सालिम, चंद्रशेखर आदि
उपस्थित रहे। उरई में भी
समाजसेवियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। समाजसेवी कृपाशंकर द्विवेदी
प्रबंधक घनाराम हरीराम महाविद्यालय ने भी अपने एक संदेश में सियाचीन में
शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। भारत विकास परिषद सदस्य एवं
समाज सेवी
युद्धवीर कंथरिया ने कहा कि सियाचीन में शहीद हुए जवानों को पूरा देश नमन
कर रहा है। दुख की इस घड़ी में भगवान उनके परिवारों को शक्ति दे। युवा समाज
सेवी विकास बाबा ने भी सियाचीन में शहीद हुए जवानों की शहादत पर
श्रद्धांजलि दी।