उरई। कोरोना काल के चलते अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई दुरुस्त कर ली गई है। इस समय जिले के स्टोर में 203 ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। इनमें 144 भरे हुए और 59 खाली हैं।
सीएमओ कार्यालय में स्टोर के प्रभारी और एसीएमओ डॉ. एसडी चौधरी ने बताया कि 12 जून को झांसी की गौरी गैस एजेंसी से सिलिंडर भरवाए गए थे। तब से सिलिंडरों का भरपूर स्टॉक है। उन्होंने बताया कि रामपुरा, माधौगढ़, जालौन, कदौरा, कालपी, कुठौंद, बाबई, कोंच, नदीगांव, पिंडारी, छिरिया डकोर आदि सीएचसी में औसतन छह सिलिंडर हैं। 30 न्यू पीएचसी में औसतन दो-दो सिलिंडर दिए गए हैं। जिला अस्पताल में 62 सिलिंडर हैं। इनमें 25 खाली हैं। महिला अस्पताल में 50 में 37 सिलिंडर खाली हैं।
वहीं चीफ फार्मासिस्ट सुबोध शुक्ला ने बताया कि 12 जून को सिलिंडरों को भरवाया गया था। उस समय छोटा सिलिंडर 223 और बड़ा वाला 313 रुपये का था। 12 प्रतिशत जीएसटी भी लगनी थी। अभी जानकारी की है तो पता चला है कि सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी हुई है।
कोविड अस्पताल में नहीं है कमी
जिले में जमुना पैलेस में बनाए गए एल-2 अस्पताल में 70 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके लिए दस सिलिंडर रिजर्व किए गए हैं। मधुवन विला में कोविड मरीजों के लिए सौ बेड आरक्षित हैं। यहां 10 ऑक्सीजन सिलिंडर दिए गए हैं। इन दोनों अस्पतालों में अभी तक ऑक्सीजन की समस्या नहीं आई है।
गोरखपुर की घटना से स्वास्थ्य विभाग हुआ था चौकन्ना
पिछले साल गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा था। उसी दौरान जिले का स्वास्थ्य महकमा भी सतर्क हो गया था। हर माह होने वाली स्वास्थ्य विभाग की बैठकों में ऑक्सीजन सिलिंडर को प्राथमिकता देते हुए उसकी कमी को पूरा करने के निर्देश दिए जाते थे। इसी से अब तक दिक्कत नहीं हुई।
मेडिकल कालेज में अतिरिक्त सिलिंडर
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. द्विजेंद्र नाथ ने बताया कि 150 बेड का लेवल वन कोविड चिकित्सालय बनाया गया है। वेंटीलेटर के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर भरपूर हैं। यहां 256 बड़े और 165 छोटे सिलिंडर उपलब्ध हैं। करीब 50 वेंटीलेटर की व्यवस्था की गई है। ऑक्सीजन सिलिंडर की समस्या नहीं है।