खेतों में फसल चरते अन्ना मवेशी
- फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद। अन्ना मवेशी किसानों के लिए परेशानी का कारण बने हैं। ग्राम मुहम्मदाबाद सहित दर्जन भर गांवों में बनी गोशालाओं में कहीं चारे पानी का सही इंतजाम नहीं है तो कुछ गोशालाएं आधी-अधूरी बनी पड़ी हैं। जिससे उनमें ताले लटक रहे हैं और इस कारण मवेशियों का झुंड खेतों पर ही नजर आता है। मवेशी किसानों की खरीफ की फसलों पर संकट के बादल की तरह छाए हैं।
विकास खंड डकोर की ग्राम पंचायत मुहम्मदाबाद में अभी तक गौशाला के अंदर एक भी गोवंश नहीं रखा गया है। ग्रामीणों की मानें तो गांव में एक सैकड़ा से अधिक अन्ना गोवंश हैं पर उनको रखने के लिए बजट का रोना रोते हुए ग्राम प्रधान व सचिव ने किसानों को टरका दिया है। गोशाला तो बना दी पर वह अभी भी अधूरी है। जिसके चलते मवेशी भी नहीं रखे जाते हैं। लिहाजा रात रात भर जाग कर किसान अपनी खेत की रखवाली करने को विवश नजर आ रहे हैं। किसान इसरार हुसैन, मुबीन अहमद, रामदास राजपूत, चरण सिंह, राजकुमार त्रिपाठी, अब्दुल हमीद आदि का कहना है कि जैसे तैसे फसल खड़ी होने की स्थिति आई है, ऐसे में अन्ना मवेशियों का झुंड उनकी मेहनत पर पानी न फेर दे, सो रखवाली करना जरूरी है।
साल भर से एक भी मवेशी नहीं
मुहम्मदाबाद। शासन के निर्देशन और भारी बजट से मुहम्मदाबाद में बनाई गई गौशाला केवल शोपीस बनकर रह गई है। गोशाला के निर्माण हुए एक साल से अधिक बीत गए है। मगर आज तक इस गोशाला में एक भी अन्ना मवेशी को बंद नही किया जा सका है। इससे गांव में अन्ना मवेशियों की भरमार सी हो गई है।
भूल गए डीएम का भी फरमान
बीते दिनों समग्र विकास योजना की बैठक में जिलाधिकारी डॉ मन्नान अख्तर ने अन्ना मवेशियों के प्रति कड़ा दिखाते हुए कहा था कि यदि मवेशी खेतों या सड़कों पर दिखे तो जिम्मेदार ग्राम प्रधान व सचिव होंगे। इसके बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है।
मुहम्मदाबाद में गौशाला में पड़ा ताला फैली गंदी- फोटो : ORAI