उरई। निर्माण के छह माह बाद भी मेडिकल कॉलेज स्थित आश्रय गृह शुरूनहीं हो पाया है। तीमारदारों को अपनी जेब से खर्च कर होटलों में रात गुजारनी पड़ती है।
शहर के कालपी रोड स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में आश्रय गृह का निर्माण 2019 - 20 में निर्माण निगम झांसी ने तीन करोड़ 28 लाख 70 हजार की लागत से कराया था। निर्माण पूरा होने के बाद डूडा ने संचालन के लिए आश्रय गृह की चाभी नगर पालिका को दे दी थी। छह माह से अधिक समय बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं कराया जा सका है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ आने वाले उनके तीमारदारों को रुकने के लिए भी कोई जगह नहीं मिलती है। यहां शहर के अलावा बड़ी संख्या में बाहर के लोग भी परिवार सहित आते हैं।
उन्हें खर्च कर किसी होटल में रात गुजारनी पड़ती है। अगर इसका संचालन शुरू हो जाए तो लोगों की जेब पर मार नहीं पड़ेगी। सिटी मजिस्ट्रेट वीरेंद्र मौर्य का कहना है कि नगर पालिका के अधिकारियों से बात करके आश्रय गृह जल्दी शुरू कराया जाएगा।
आश्रय गृह में यह हैं सुविधाएं
आश्रय गृह में सौ लोगों के रुकने की व्यवस्था है। गद्दे, कंबल आदि के साथ सभी संसाधन हैं। शासन का करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी इसका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। जिम्मेदारों की हीलाहवाली के चलते करोड़ों रुपये से बना आश्रय गृह बेमकसद साबित हो रहा है। सर्दियां शुरू हो रहीं हैं, यदि अभी भी यह खुल जाए तो अस्पताल आने वाले तीमारदारों और दूसरे अन्य लोगों के लिए यह मददगार साबित हो सकता है।