पुल के समय से शुरू होने में भी संशय
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कालपी (जालौन) नोट बंदी का असर विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। कई जगहों पर ठेकेदारों ने काम बद कर दिया है। यमुना नदी पर बने पुराने पुल पर भी काम बंद पड़ा है। मजदूरों के लिए नकदी रुपये की समस्या के कारण ठेकेदार ने पुल मरम्मती कार्य रोक दिया है। इससे समय से पुल को यातायात के लिए तैयार नहीं किया जा सकेगा। इससे इस रूट से गुजरने वाले लाखों लोगों को रोजाना तकलीफ उठानी होगी।
यमुना नदी पर बने पुल पर ओवरलोड वाहनों के लगातार आवाजाही से पुल 18 जून को क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी सूचना पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने यमुना पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया। उसकी मरम्मत के लिए अनेक निर्माण कंपनी के इंजीनियर आए व सहमति के बाद सितंबर से पुल मरम्मत का कार्य शुरू हो गया। दिसंबर के अंत तक यातायात शुरू होना ता। इसी बीच प्रधानमंत्री द्वारा 8 नवंबर को 1000 व 500 के नोट बंद करने की घोषणा कर दी।
इससे नकद भुगतान की समस्या खड़ी हो गई। पुल के मरम्मत को कार्य रोक दिया गया है। इससे अब पुल के समय से तैयार होने और यातायात शुरू होने में संदेह होने लगा है। पुल समय से ना शुरू होने से लाखों लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ेगी। कई जगहों पर विकास कार्य भी नगदी की समस्या से बंद है। हालांकि फोरलेन के जनसंपर्क अधिकारी डी. एन तिवारी ने नकदी के चलते पुल निर्माण कार्य बंद होने की बात को नकार दिया। उनके अनुसार कुछ तकनीकी वजहों से मरम्मतीकरण का कार्य बंद है। एक या दो दिन के अंदर इसे दोबारा शुरू करा दिया जाएगा।