मलंगा के ओवरफ्लो से जलमग्न खेत
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साफ सफाई न होने और अतिक्रमण के चलते मलंगा नाला अब किसानों की बर्बादी का सबब बन गया है। नहरों का पानी मलंगा के रास्ते ओवरफ्लो होकर किसानों के खेतों में बोई गई सैकड़ों एकड़ फसलें लील गया है। भारतीय किसान यूनियन ने अपनी मासिक पंचायत में अन्य मुद्दों के साथ फसलों की बर्बादी का भी मुद्दा उठाया और प्रशासन से जांच करा कर मुआवजा
दिलाए जाने की मांग की है। भाकियू की मासिक पंचायत यहां गल्ला मंडी में शारदा प्रसाद पटेल भदारी की अध्यक्षता एवं तहसील अध्यक्ष चतुर सिंह पटेल के संचालन में हुई। चर्चा में किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि नहरों के पानी से मलंगा नाला ओवरफ्लो है। इसके चलते किसुनपुरा, इमलौरी, परैथा, डाढी, पड़री, गुरावती, पचीपुरा समेत कई गांवों में सैकड़ों एकड़
फसलें डूब कर नष्ट हो गईं हैं। किसानों ने मांग की कि बर्बाद हुए खेतों का सर्वेक्षण कराया जाए व किसानों को मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा बुंदेलखंड इलाके में स्प्रिंकलर सेट योजना चला कर किसानों को नि:शुल्क सेट दिलाये जाएं। ग्रामीण अंचलों में बिजली के झूलते तारों और टेढ़े मेढ़े हो गए खंभों की दुरुस्ती कराई जाए ताकि दुर्घटनाओं की आशंका न रहे। पंचायत
में किसानों का आह्वान किया गया कि यूनियन की राष्ट्र्रीय कार्यशाला सिसौली मुजफ्फरनगर में 18 नवंबर को है जिसमें सरदार बल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण व किसान महापंचायत का आयोजन है। पंचायत के दौरान रामलखन इटा, ब्रजेश राजपूत सहित तमाम किसान मौजूद रहे।