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पड़ोसी की गोली मारकर हत्या मामले में आजीवन कारावास

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उरई(जालौन)। पिता-पुत्र के बीच हो रहे विवाद में बीच बचाव कराने पहुंचे पड़ोसी की गोली मारकर हत्या करने में दोषी को अपर जिला जज अमित पाल सिंह ने आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला साढ़े तीन साल पुराना उरई कोतवाली का है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि उरई कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती चौरसी निवासी घनश्याम सिंह पुत्र सुमेर ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अप्रैल 2016 की रात उसके पड़ोसी चन्ने पुत्र गौरीशंकर का अपने बेटे संतोष से विवाद हो रहा था। इस पर उसका बेटा छत्रपाल सिंह (32) बीच बचाव करने पहुंचा और झगड़ा बंद न करने पर पुलिस बुलाने की बात कही। इस पर तैश में आकर चन्ने ने घ्छत्रपाल को गोली मार दी। गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया।
जहां छत्रपाल को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घनश्याम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली और घटना के अगले दिन यानी 22 अप्रैल की दोपहर चन्ने को राजकीय मेडिकल कालेज के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था और उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर जेल भेज दिया था। चन्ने तबसे उरई जेल में ही बंद है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि गुरुवार को अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने चन्ने को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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