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Jalaun News: 15 लाख फिरौती न मिलने पर जीजा के आठ टुकड़े करने वाले साले को उम्रकैद

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फोटो - 07 मृतक कमलेश कुमार की फाइल फोटो।
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उरई। 16 साल पहले जीजा का अपहरण कर 15 लाख की फिरौती न मिलने पर उसके शरीर के आठ टुकड़े करने वाले साले को कोर्ट ने गुरुवार को उम्रकैद सुनाई है। दोषी पर 1.15 लाख का जुर्माना लगाया है। साले को 11 साल पहले गिरफ्तार किया था। वारदात में साथ देने वाले उसके तीन साथियों का मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बघौरा के आरईएस के सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता चतुर्भुज प्रशांत ने पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें 26 मई 2009 की शाम 6 बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई कि हम आपके रिश्तेदार हैं और इंदरगढ़ से आए हैं। जेल रोड पर गाड़ी खराब हो गई है। वह अपने पुत्र को भेज दे ताकि मिस्त्री से उसकी गाड़ी को सही करवाया जा सके।
इस पर उसने पुत्र कमलेश कुमार (35) को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बताए गए स्थान पर भेज दिया था। देर रात तक जब उसका पुत्र घर नहीं पहुंचा तो उसने उसी नंबर पर कॉल की। सामने वाले युवक ने बताया कि कमलेश मेरे पास है। 15 लाख रुपये ले आओ और कमलेश को ले जाओ। इसके बाद उसके फोन पर कई बार फिरौती की मांग की गई। डर के वजह से उसने पुलिस को सूचना नहीं दी।
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30 मई 2009 को कमलेश कुमार के आठ टुकड़े में शव शहर के मोहल्ला रामनगर स्थित रेलवे ट्रैक के पास बोरियों में मिला था। पुलिस की सूचना पर पहुंचे चतुर्भुज ने उसकी पहचान अपने पुत्र कमलेश कुमार के रूप में की थी। चतुर्भुज की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण, हत्या, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
विवेचना के दौरान चुर्खी थाना क्षेत्र के बिनौरा बैध गांव निवासी कमलेश के ममेरे साले शोभराज उर्फ नीलू उर्फ अभय का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वारदात में साथ देने वाले तीन साथ नाबालिग निकले। तीन का मामला किशोर न्याय बोर्ड में ट्रांसफर कर दिया था।
शोभराज का मुकदमा एससी एसटी एक्ट कोर्ट में चल रहा था। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शोभराज 18 फरवरी 2014 से गायब हो गया था। कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था।
12 मई को जब शोभराज चुर्खी थाना क्षेत्र के एक गांव में त्रियोदशी में शामिल होने आया था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। गुरुवार को 16 साल पुराने मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज एससी-एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने शोभराज को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

जीजा के पिता के सेवानिवृत्त के मिले रुपयों की आरोपी को थी जानकारी



उरई। बघौरा निवासी कमलेश कुमार की पत्नी मंजू देवी के मामा बिनौरा बैध गांव में रहते थे। इस पर मामा का लड़का होने के नाते शोभराज मंजू के घर आता-जाता था। मंजू उसको अपने भाई से ज्यादा प्रेम करती थीं। वह मंजू के घर का सदस्य जैसा हो गया था। कमलेश सीधासाधा था। वर्ष 2008 में जब कमलेश के अधिशासी अभियंता पिता सेवानिवृत्त हुए तो उनको लाखों रुपये फंड मिला था। यह जानकारी शोभराज को पता चली। इस पर उसने अपने बहनोई को अगवा करने की साजिश रची। शोभराज तब उरई के मोहल्ला शिवपुरी में रहता था। उसने तीन साथियों के साथ मिलकर अनजान नंबर से कमलेश के पिता को फोन किया। इसके बाद कमलेश को बुला लिया। इसके बाद उसके पिता से फिरौती मांगी, जब उसे लगा कि वह फंस जाएगा तो मामले को आत्महत्या में दर्शाने के लिए इन लोगों ने कमलेश के शरीर के आठ टुकड़े कर रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिए। मंजू का कहना है कि उसकी मांग का सिंदूर उजाड़ने वाले को सही सजा मिली है। (संवाद)

फोटो - 07 मृतक कमलेश कुमार की फाइल फोटो।

फोटो - 07 मृतक कमलेश कुमार की फाइल फोटो।

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