महेवा। संदिग्ध हालात में गांव के एक कच्चे घर में आग लग गई। जिसमें सो रही विधवा महिला की मौत हो गई। घर में आग लगी देख पास पड़ोस के लोगों ने आनन फानन में आग बुझाने का प्रयास शुरु किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद लोगों ने जब घर के अंदर देखा तो वहां विधवां महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में पड़ा था और उसके कपड़े दूर पड़े थे, लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कस्बा चुर्खी निवासी मीना देवी (60) पत्नी स्व. रामप्रकाश गांव के ही एक ग्रामीण के कच्चे बाड़े में सोया करती थी। बुधवार की रात वह बाड़े में सो रही थी। तभी रात दो बजे पड़ोसियों ने बाड़े में आग लगी देखी तो हड़कंप मच गया। आनन फानन में पास पड़ोस के कई लोग एकत्रित होकर आग बुझाने में जुट गए। आग बुझने के बाद लोगों ने अंदर देखा तो महिला का अर्धनग्न शव पड़ा हुआ था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि महिला के पति की आठ वर्ष पहले मौत हो गई थी। उसके पास अपना कोई मकान व जमीन नहीं थी। महिला गांव में खाना मांगकर पेट भरती थी और दूसरे के बाड़े में सोया करती थी। जिस बाड़े में बने कच्चे कमरे में सो रही थी। उसमें भूसा भी भरा था और बाड़े में दो दरवाजे थे। दोनों ही अंदर से बंद पड़े मिले।
वहीं गांव के लोग दबी जुबान से महिला के साथ कुछ गलत होने की आशंका भी जता रहे हैं। इस बाबत थानाध्यक्ष अशोक वर्मा का कहना है कि हो सकता है महिला ने सर्दी से बचने के लिए आग जलाई हो। जिससे भी आग लग सकती है। फिलहाल मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा।