निलंबित कुठौंद थाना प्रभारी केपी सरोज।
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उरई (जालौन)। महिला ने अपनी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म करने की तहरीर कुठौंद थाना पुलिस को दी थी। लेकिन थाना प्रभारी ने केवल एक आरोपी पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस पर पीड़ित ने एडीजी से गुहार लगाई थी। एडीजी ने पूरे मामले की जांच एसपी को सौंपी थी। जांच में सही पाए जाने पर गुरुवार को एडीजी कानपुर जोन ने थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया।
कुठौंद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाना पुलिस को 6 फरवरी को तहरीर देकर बताया था कि गांव के ही विशाल ने अपने साथी के साथ उसकी 17 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर थाना प्रभारी केपी सरोज ने टरका दिया था। महिला ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने तहरीर बदलवाकर एक युवक के खिलाफ तहरीर देने के लिए दबाव बनाया था।
तब पीड़िता मां के साथ एडीजी कानपुर जोन आलोक सिंह के पास पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी थी। जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक डा. दुर्गेश कुमार को जांच करने के लिए कहा था। सीओ जालौन शैलेंद्र कुमार वाजपेयी ने जांच की तो पीड़िता की शिकायत सही पाई गई थी। जिसके बाद एडीजी के निर्देश पर कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक केपी सरोज को निलंबित कर दिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध जांच कमेटी गठित कर दी है।