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गुडवर्क के चक्कर में वर्दी पर दाग लगा रही खाकी

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वाजिद हुसैन - फोटो : ORAI
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उरई। पुलिस प्रताड़ना से तंग युवती के जान देने के मामले को लेकर शहर के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पुलिस का जोर गुंडों, बदमाशों पर नहीं चलता है, अपराध है कि थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में पुलिस वाले छोटे छोटे गुडवर्क के चक्कर में अब युवतियों और महिलाओं पर कानून का खौफ बना रहे हैं। हो हल्ले के बाद कार्रवाई भी हुई तो क्या सिर्फ दरोगा का लाइन हाजिर किया गया। अभी तक न कोई एफआईआर ही सामने आई है और न ही गलत शिकायत कर्ताओं पर ही कोई एक्शन लिया गया। जिससे पुलिस की वर्दी का दाग और भी गहरा होता जा रहा है। प्रस्तुत है लोगों से बातचीत पर आधारित खबर-
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महिला थाने लेकर जाना चाहिए था
अधिवक्ता सुधीर मिश्रा का कहना है कि जब पुलिस को आठ घंटे ही लड़कियों से पूछताछ करनी थी तो उन तीनों को कोतवाली के बजाय पास स्थित महिला थाने ले जाना चाहिए था। वहीं पर महिला पुलिस पूछताछ करती। पुरुष पुलिस वालों का पूछताछ करना ठीक बात नहीं, फिर मारपीट तो और भी गलत है।
स्वयं को ही कानून समझने लगी पुलिस
कोंच निवासी बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा जाह्नवी का कहना है कि जो आज नीशू के साथ हुआ वह कल किसी की भी बेटी के साथ हो सकता है। पुलिस को कानून का पालन करना चाहिए न कि अपने दायरे से आगे जाकर स्वयं ही को ही कानून समझकर काम करना चाहिए। जैसा कि नीशू के मामले में हुआ और उसका दुष्परिणाम सभी के सामने है।
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जांच के साथ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी
इंटर कालेज कालपी की प्रवक्ता अपर्णा आनंद शर्मा के मुताबिक, कोतवाली में ऐसा युवतियों के साथ क्या हुआ कि उनमें से एक को अपनी जान तक देनी पड़ी। इसकी गहन जांच होनी चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं है कि कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही है। ऐसा दोबारा न हो, लिहाजा इसके लिए सख्त से सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।
कप्तान लगाएं पुलिस पर लगाम
नगर पालिका परिषद कालपी की पूर्व अध्यक्ष संतोष गुप्ता कहती हैं कि जिला पुलिस पर कोई नियंत्रण नहीं है। शक के आधार पर 8 घंटे कोतवाली में बैठाना बिल्कुल गलत बात है। जिस कारण ही युवती को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। नए एसपी को जिले में पुलिस की महिलाओं के प्रति निरकुंश कार्यप्रणाली पर अंकुश लगाना चाहिए।
कानून के नाम पर खिलवाड़ गलत
कोंच स्थित कालेज के प्रबंधक विपिन शुक्ला का कहना है कि जिला पुलिस नीशू कांड के बजाय इतनी मेहनत और दिमाग किसी बड़े मामले में लगाती तो शायद आज कोई बड़ा अपराधी सलाखों के पीछे होता न कि वर्दी पर यह दाग लगता। कानून के नाम पर खिलवाड़ करना गलत बात है, जो कि नीशू के मामले में हुआ।
पीड़ितों को जल्द दिलाया जाए न्याय
डकोर ब्लाक के शिक्षक वाजिद हुसैन का कहना है कि दलित परिवार के साथ ऐसी घटना होना वाकई दुखद है। अब तो पुलिस और प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाए और तय करें कि भविष्य कभी किसी का बेटा या बेटी ऐसी अनहोनी का शिकार न हो सके।

जहान्वी सोनी- फोटो : ORAI

विपिन शुक्ला- फोटो : ORAI

पूर्व चेयरमैन कालपी श्रीमती संतोष गुप्ता- फोटो : ORAI

अपर्णा आनंद शर्मा- फोटो : ORAI

सुधीर मिश्रा प्रवक्ता- फोटो : ORAI

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