अपर पुलिस महानिदेशक(प्रशिक्षण) विश्वजीत महापात्र ने यमुना बीहड़ क्षेत्र में बन रहे पुलिस ट्रेनिंग सेंटर का बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखने की बात कही। आगाह किया कि इसमें हीलाहवाली पर कार्यदायी संस्था के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बुधवार दोपहर एक बजे इंजीनियरों
तथा विभागीय अफसरों के साथ एडीजी (प्रशिक्षण) महापात्र पीटीसी मंगरौल के निर्माणाधीन कार्यों को परखने के लिए पहुंचे। अफसरों ने सबसे पहले प्रशासनिक भवन के निर्माण का जायजा लिया। इसके बाद सभी निर्माणाधीन भवनों का अवलोकन किया। निर्माणाधीन चिकित्सालय में खिड़की, दरवाजे तथा इलेक्ट्रानिक फिटिंग के उपकरणों को देखा। विभाग के
अधिशासी अभियंता संजीव सक्सेना ने बताया कि आई एस आई मार्क कंपनियों की सामग्री का प्रयोग किया गया है। सेंटर के चिकित्सालय में 20 पुरुष तथा 10 महिला कांस्टेबलों के
इलाज के लिए भर्ती की व्यवस्था रहेगी। एडीजी ने मनोरंजन कक्ष, प्रशासनिक भवन, गेस्ट रूम, आवासीय बैरकों, पेयजल इकाई आदि का निरीक्षण किया तथा अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवंबर 2013 में पीटीसी. मंगरौल का निर्माण काम शुरु हुआ है वह तय सीमा के तहत पूरा करना होगा।
बिजली कनेक्शन की व्यवस्था जल्द
पुलिस निर्माण निगम के उपखंड अधिकारी ओमशंकर अवस्थी ने कहा कि 2 करोड़ 35 लाख रुपये से बिजली लाइन खींचने का स्टीमेट तैयार कर दिया गया है। 33/11 विद्युत सब स्टेशन सरसेना से पीटीसी तक सीधी सुरक्षित हाईटेंशन लाइन बिछाने की कार्ययोजना तैयार की गई है और फिलहाल 25 किलोवाट क्षमता का नया कनेक्शन लिया जा रहा है। अपर महानिदेशक ने कहा कि परिसर में ऊर्जीकरण का काम जल्द पूरा कराया जाए।
मात्र टाइप प्रथम भवन तैयार
एडीजी महापात्र ने पत्रकारों को बताया कि आवासीय भवनों में टाइप प्रथम भवन का अप्रैल 2016 में काम पूरा हो चुका है और टाइप 2 का कार्य दिसंबर 2016 में पूरा हो जाएगा। शेष काम जल्द ही गतिशीलता से पूरा कराया जाएगा। द्वारकापुरी से लेकर पी. टी. सी. के अंदर तक सड़क बनाने का काम जिला योजना के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग पूरा करेगा। इस मौके पर डिप्टी एसपी सुबोध गौतम, पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक देवी गुलाम, अवर अभियंता ज्ञानप्रकाश, कोतवाल ईश्वर सिंह मौजूद रहे।
फायरिंग रेंज स्थल का भी लिया जायजा
पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में शस्त्रधारियों के फायरिंग करने के लिए प्रत्येक बुधवार को जमावड़ा रहता है। शस्त्र धारक अपने लाइसेंस नवीनीकरण के पहले अधिकारियों के समक्ष अपने असलहों से फायरिंग करके दिखाते हैं। अगर फायरिंग में फिट हुए तो उनका लाइसेंस नवीनीकृत किया जाता है। इसी के मद्देनजर एडीजी ने फायरिंग रेंज का जायजा लिया तथा
प्रतिसार निरीक्षक एवं मातहतों को निर्देश दिए कि प्रत्येक लाइसेंस धारक को नवीनीकरण के पहले शासन के नियमों के मुताबिक फायरिंग का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। अगर इसमें अनफिट पाया जाता है तो उसका लाइसेंस नवीनीकरण में गतिरोध पैदा हो जाएगा।