संवाद न्यूज एजेंसी
उरई/कोंच। कदौरा और कोंच क्षेत्र में बाढ़ का कहर गहराता जा रहा है। कोंच में करई बांध ओवरफ्लो हो गया है। यमुना नदी का पानी गुलौली, सुरौली, दीवारा और बड़े मुआरा गांवों की गलियों में घुस गया है। कई घर जलमग्न हो चुके हैं, लेकिन अब तक न तो प्रशासन की कोई मदद पहुंची है। गुलौली गांव के संतराम, लल्लू, अबरार बेग, फूल सिंह, शिवकुमार, अकरम बेग और चौकीदार आदि ने बताया कि गांव की गलियां पानी में डूबी हैं और कई मकान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घरों से सामान निकालकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। बिजली के ट्रांसफॉर्मर और बॉक्स भी पानी में डूब चुके हैं, जिससे करंट का खतरा मंडरा रहा है। लोगों को डर है कि घरों में करंट उतर आया को बड़ा नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले भी यही स्थिति बनी थी, तब भी कोई राहत नहीं मिली थी।
इस्लाम हाजी, हनीफ खान, मुक्की, जमील खान, लल्लू वर्मा और फूल सिंह वर्मा का कहना है कि बाढ़ तेजी से फैल रही है और रात तक कई और घर चपेट में आ जाएंगे। न तो नाव की व्यवस्था है, न ही कोई राहत सामग्री पहुंचाई गई है। प्रशासन की अनदेखी से ग्रामीणों में रोष है।
उधर, झांसी सीमा से सटे कोंच तहसील क्षेत्र में करई बांध का पानी ओवरफ्लो होने से किशुनपुरा, कमतरी, भेंपता, नरी और पहाड़गांव गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और कमतरी तथा भेंपता गांवों में तो पानी घरों में घुस चुका है। संपर्क मार्ग डूब चुके हैं और गांवों का संपर्क कट गया है। कस्बे के मलंगा नाले का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। यदि करई बांध का पानी छोड़ा गया तो कोंच कस्बे में भी बाढ़ की स्थिति बन सकती है। पुलों पर भारी भीड़ जमा है जो बाढ़ का दृश्य देखने पहुंच रही है। दोनों क्षेत्रों में स्थिति गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक कोई राहत कार्य शुरू नहीं हुआ है।