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Jalaun News: हदबंदी के नाम पर 10 हजार की रिश्वत लेने वाला कानूनगो निलंबित

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फोटो - 01 एंटी करप्शन टीम की गिरफ्त में लाल कुर्ते में राजेंद्र उर्फ लंबरदार व साथ में खड़ा कान
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उरई। हदबंदी के नाम पर किसान से 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए कानूनगो को शनिवार को निलंबित भी कर दिया गया। शुक्रवार को कानूनगो और उसके साथी को झांसी से आई एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ा था। तब तहसील परिसर में अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया था। कानूनगो दस मिनट तक हंगामा करता रहा, लेकिन टीम के आगे उसकी नहीं चली और टीम उसे अपने साथ एट ले गई। एट में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज कराई।
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डकोर कोतवाली क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव निवासी अनिल राजपूत की करमेर मौजे में जमीन है। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ बीघा जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। इस पर उन्होंने जमीन की हदबंदी के लिए तहसील में आवेदन किया था। पूरी फाइल तैयार होकर 30 अप्रैल को कानूनगो संदीप कुमार तिवारी के पास पहुंची थी। आरोप है कि इसके बाद कानूनगो ने काम कराने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की। बाद में सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ।

किसान अनिल कानूनगो को रुपये नहीं देना चाहते थे, इस पर मंगलवार को उन्होंने झांसी एंटी करप्शन टीम के इंचार्ज श्याम सिंह से शिकायत की थी। शिकायत के बाद टीम ने पूरे मामले की रेकी की और जाल बिछाने की योजना तैयार की। तय रणनीति के तहत शुक्रवार की सुबह एंटी करप्शन टीम प्रभारी श्याम सिंह के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम दो वाहनों से तहसील पहुंची। सदस्य तहसील किसान व आम आदमी के भेष में थे। टीम के सदस्य पहले से ही आसपास सामान्य लोगों की तरह घूमते रहे।
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निर्धारित योजना के अनुसार किसान अनिल ने कानूनगो संदीप कुमार तिवारी को केमिकल लगे 10 हजार रुपये दिए। जैसे ही रुपये हाथ में लिए गए, टीम ने मौके पर दबिश देकर रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान आरोपी ने रुपये अपने साथी राजेंद्र उर्फ लंबरदार की ओर फेंक दिए, लेकिन टीम ने दोनों को हिरासत में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान तहसील परिसर के बाहर माहौल अचानक गर्म हो गया। बताया गया कि 100 से अधिक लोग, जो कानूनगो के समर्थक बताए जा रहे हैं, मौके पर पहुंच गए और टीम के साथ झड़प करने लगे। उन्होंने आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास भी किया, जिससे कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

हालात को देखते हुए एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों को लेकर एट थाने पहुंची। वहां आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर सिंह को तहरीर सौंपी गई। इसके बाद टीम दोनों को आगे की कार्रवाई के लिए झांसी लेकर रवाना हो गई थी। शनिवार को तहसीलदार शिरीष मिश्रा ने बताया कि कानूनगो के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले में विभागीय और कानूनी जांच प्रक्रिया जारी है।



लेखपालों व कानूनगो ने टीम से की अभद्रता, सिपाही की अंगुली में हुआ फ्रैक्चर



उरई। टीम ने जब कानूनगो संदीप तिवारी व उसके साथी राजेंद्र लंबरदार को गिरफ्तार किया तो वहां मौजूद कानूनगो व लेखपालों ने टीम को घेर लिया और अपने साथी को छुड़ाने लगे। टीम ने कहा कि वह एंटी करप्शन से हैं, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं माने और टीम पर टूट पड़े। इस दौरान बताया गया कि एक सिपाही की उंगली में फ्रैक्चर हो गया। लेकिन टीम के सदस्य डटे रहे और दोनों को गाड़ी में बैठाकर ले गए। टीम के अधिकारियों ने बताया कि दोनों को पहले उन्हें उरई ले जाना था, लेकिन यहां भीड़ और हंगामा देख वह सीधे एट ले गए और यहीं पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर उन्हें झांसी ले गए। (संवाद)

फोटो - 01 एंटी करप्शन टीम की गिरफ्त में लाल कुर्ते में राजेंद्र उर्फ लंबरदार व साथ में खड़ा कान

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