उरई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते डीआरएम।
- फोटो : अमर उजाला
रेल लाइन दोहरीकरण के चलते उरई में बनने वाले एक और प्लेटफार्म की जगह व कार्य की प्रगति देखने के लिए शनिवार को रेलवे झांसी मंडल के डीआरएम उरई आए। यहां उन्होंने नए प्लेटफार्म के लिए जगह देखी। इस दौरान रेल पटरियों के बीच ज्वाइंटों की खराब गुणवत्ता पर उन्होंने रेल पथ निरीक्षक को फटकार लगाई। कानपुर से झांसी के बीच रेल लाइन
दोहरीकरण का काम करीब चार वर्षों से चल रहा है। वर्ष 2018 तक इस काम को पूरा किया जाना है। रेल लाइन दोहरीकरण के कारण कई नए प्लेटफार्म भी बनाए जाने हैं। उरई में भी एक नया प्लेटफार्म बनना है। इस प्लेटफार्म की जगह का निरीक्षण करने के लिए डीआरएम एसके अग्रवाल शनिवार को स्पेशल ट्रेन से उरई आए। यहां पर उन्होंने प्लेटफार्म के लिए जगह
का निरीक्षण किया। इसके साथ ही रेलवे लाइन दोहरीकरण के काम की प्रगति भी देखी। इस दौरान उन्होंने रेल निर्माण निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम में और तेजी लाई जाए, ताकि तय समय पर काम पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान रेल पटरियों के ज्वाइंटों में गुणवत्ता सही नहीं मिली। इस पर उन्होंने रेल पथ निरीक्षक को फटकार लगाई। अंत में
पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि काम तेजी से हो रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उरई से जालौन तक रेल लाइन बिछाने का फैसला बोर्ड को करना है। इस मामले में वह कुछ नहीं कह सकते। इस मौके पर एडीआरएम दिनेश सिंह, सीनियर डीईएन मनोज कुमार, एई एन जी विश्वनाथ, सीनियर डीओएन श्रीकृष्ण शुक्ला, स्टेशन मास्टर उरइ आदि मौजूद रहे।