ईसा मसीह के जन्मदिन क्रिसमस पर प्रार्थना बाइबिल पाठ व केक काटा गया। ईसा मसीह के जन्म के लिए कांस की गोशाला बनाई गई। क्रिसमस पर वक्ताओं ने कहा कि यीशु ने दुनिया में शांति, प्यार, आपसी भाईचारा व सौहार्द का संदेश दिया। बडे़ दिन पर रविवार को शहर के बीसीएच मिशन स्कूल में रंगारंग कार्यक्रम एवं प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।
प्रबंधिका किरन मसीह ने कहा कि क्रिसमस के दिन दाऊद नगर में प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ। मुक्तिदाता को पहचानने की निशानी चरवाहों को दी गई। यीशु का जन्म किसी राजमहल में नहीं बल्कि पशुशाला मेें हुआ था। उन्होंने कहा कि यीशु के जन्म का सही अर्थ आत्मा को शुद्ध रखना, बुराईयों को त्यागना है। वहीं, डिवाइन मर्सी विद्यालय में शनिवार की
रात्रि में प्रार्थना, बाइबिल पाठ व यीशु जन्म कराकर केक काटा गया। रविवार की सुबह प्रार्थना की गई। यीशू मसीह के जन्म पर गोशाला में यीशु की प्रतिमा का अनावरण किया गया, मत्था टेका किया गया। राजेश चतुर्वेदी, नासिर उददीन, मतलूब चंदेल, मैराज सिद्दीकी, बीनू मल, सिरेन, रोज लाइन, अरीना, मेबिल मसीह, फादर कपिल, मलेरियन, फिलिप्स, जूड,
सिस्टर फातिमा, शीला आदि मौजूद रहीं। वहीं, बीसीएच मिशन की प्रबंधिका ने क्रिममस-डे के अवसर पर गरीबों को कपड़ों का भी वितरण किया और केक काटकर प्रभु यीशू का जन्मदिन मनाया।