शहर मेें अतिक्रमण हटाती जेसीबी।
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सिटी मजिस्ट्रेट और ईओ की अगुवाई में बुधवार को शहर के शहीद भगत सिंह चौराहे से लेकर घंटाघर तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। मुख्य बाजार से सख्ती के साथ दुकानदारों के फुटपाथ से कब्जे हटाए गए। घंटाघर पर अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन की टीम और व्यापारियों में नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस बल के किसी की नहीं चली।
शहर में अतिक्रमण की वजह से सड़कों की चौड़ाई घटती जा रही है। फुटपाथ पर कब्जा कर फुटकर दुकानदारों ने दुकानें खोल रखी है। इससे लोगों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। अतिक्रमण की समस्या को लेकर ‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में खबर का प्रमुखता से प्रकाशन किया था।
इस मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस पर बुधवार को ही सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार और पालिका ईओ रविंद्र कुमार की अगुवाई में अतिक्रमण अभियान चलाया गया। अभियान की शुरुआत पालिका अध्यक्ष के घर के पास से की गई। शहीद भगत सिंह चौराहे पर जैसे ही टीम पालिका कर्मचारियों और जेसीबी के साथ पहुंची, बाजार में हड़कंप मच गया।
देखते ही देखते दुकानें बंद होने लगीं। कुछ दुकानदार टीनशेड खुद ही हटाने लगे। अभियान के दौरान प्रशासन की टीम और व्यापारियों में नोकझोंक भी हुई। कई व्यापारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अभियान की जानकारी नहीं दी गई। इस पर पालिका ईओ ने बताया कि 24 अप्रैल से शहर में मुनादी कराई जा रही है, फिर भी कुछ व्यापारी अतिक्रमण बंद करने की मांग पर अड़े रहे।
व्यापारियों ने अतिक्रमण के विरोध में घंटाघर पर जाम लगाने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस और पीएसी होने के कारण उनकी मंशा पूरी न हो सकी। बाजार बंद करने को लेकर सीओ सिटी अरुण कुमार की कुछ व्यापारियों से झड़प भी हुई। इसके बाद प्रशासन ने पूरी सख्ती के साथ शहर के घंटा घर से अतिक्रमण का मुक्त कराया। जिन लोगों ने अपने टीनशेड नहीं हटाए पालिका की जेसीबी ने उन्हें उखाड़ दिया। सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार का कहना है कि शहर में अभी पूरे महीने अभियान चलाया जाएगा। किसी भी अतिक्रमणकारी को बख्शा नहीं जाएगा।