कालपी। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रहा है। नदी के किनारे बसे गांवों में यमुना का पानी पहुंच गया है। दो दर्जन गांवों का संपर्क कालपी से टूट गया है। कालपी-मगरौल व कालपी-गुलौली संपर्क मार्ग बंद हो गया है। यमुना के घाट पूरी तरह डूब गए हैं।
यमुना के पानी से कालपी-मगरौल मार्ग जलमग्न हो गया है। कालपी-गुलौली मार्ग पर भी पानी भर गया है। इससे हीरापुर, शेखपुर गुढ़ा, धर्मपुरा, मैनपुर, पर्डी, मंगरोल, दहेलखंड, कीरतपुर, देवकली, रायड़, मदरालालपुर गांवों का संपर्क कालपी से टूट गया है।
कई गांव का आवागमन ठप हो गया है। यमुना नदी के तटवर्ती इलाकों में निचले इलाकों में बसे लोगों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम अंकुर कौशिक ने लोगों से यमुना के किनारे न जाने की अपील की है।
सिरसाकलार प्रतिनिधि के अनुसार महेवा ब्लाक के शिमरा शेखपुर में पानी आने से रास्ते बंद हो गए हैं। ग्राम प्रधान गजराज ने बताया कि बाढ़ की वजह से गांव की बिजली काट दी गई है। कुठौंद संवाद के मुताबिक एसडीएम जालौन ने गुरुवार को तहसीलदार और थानाध्यक्ष के साथ कई गांवों का दौरा किया।
तहसीलदार बलराम गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के घरों को चिह्नित कर उन्हें खाली कराए जा रहे हैं। नैनापुर, भदेख संपर्क मार्ग पर बने रास्ते पर पानी भरने से मुख्य मार्ग का संपर्क बंद हो गया है। भदेख और टिकरी के लोगों को आलविजवाहा मार्ग से होकर जाना पड़ रहा है।
यमुना के जलस्तर की स्थिति
अलर्ट का निशान-107 मीटर
खतरे का निशान-108 मीटर
गुरुवार शाम 4 बजे जलस्तर-110.83 मीटर
बेतवा नदी पर स्थापित खतरे का निशान।- फोटो : ORAI