उरई। मुंबई से लखनऊ जाने वाली वीआईपी ट्रेन पुष्पक एक्सप्रेस के एचए प्रथम कोच में उड़ीसा के एक मठ के महंत का 3.20 लाख रुपये की नगदी, सोने की रुद्राक्ष की माला और एक स्मार्टफोन चोरी हो गई। महंत ने इसकी सूचना उरई जीआरपी को दी। जीआरपी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि घटनास्थल उनके परिक्षेत्र का नहीं है। फिर भी मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
शनिवार रात 1.45 बजे मुंबई से लखनऊ जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस झांसी से उरई की ओर रवाना हुई। ट्रेन के एचए प्रथम श्रेणी कोच में जगन्नाथपुरी के पापड़िया मठ के महंत रामकृष्ण दास (65) अपने चार सहयोगियों के साथ सफर कर रहे थे। महंत अयोध्या में भंडारा करने जा रहे थे। महंत के मुताबिक, झांसी से ट्रेन निकलने के बाद उनकी आंख खुली तो बैग गायब था।
बैग में तीन लाख बीस हजार रुपये की नगदी, एक सोने की रुद्राक्ष की माला, मोबाइल फोन और कागजात थे। महंत ने इसकी सूचना कोच कडंक्टर को दी। कंडक्टर ने कंट्रोल रूम को मैसेज किया। कंट्रोल के निर्देश पर उरई स्टेशन पर मामला दर्ज कराया गया।
इस घटना के कारण उरई रेलवे स्टेशन पर ट्रेन दस मिनट रोकी गई। जीआरपी इंस्पेक्टर का कहना है कि घटनास्थल उनके क्षेत्र का नहीं है। फिर भी मामले को दर्ज कर विवेचना झांसी जीआरपी को ट्रांसफर कर दी गई है। ट्रेन में भीमसेन जीआरपी के एस्कार्ट की ड्यूटी थी। उनसे भी पूछताछ की जा रही है।
मेमू से यात्री का मोबाइल छीना
उरई। शहर के मोहल्ला प्रेमनगर बजरिया निवासी आरिफ ने जीआरपी को तहरीर दी। इसमें बताया कि वह कानपुर से मेमू ट्रेन से उरई आ रहे थे। आटा स्टेशन के पास उनका मोबाइल अज्ञात बदमाश झपट्टा मारकर उड़ा ले गए। आरिफ के मुताबिक, मोबाइल करीब तीस हजार का था। जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। (संवाद)