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वेटर के तौर पर कर रहे थे काम
उन्होंने खाली बैठने के बजाय काम करने का फैसला किया। पिछले करीब दो महीने से पवन उरई के सूर्य होटल में वेटर के तौर पर काम कर रहे थे। उनका रोज का काम था, होटल में आने वाले लोगों को खाना परोसना, ग्राहकों की जरूरतों का ध्यान रखना और अपनी ड्यूटी पूरी करना। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी वह सभी खाना खिला रहे थे। रिजल्ट आने के एक घंटे बाद उन्होंने साइट खोली और देखा कि उनका भी नाम उसने आ गया। उन्हें पहले यकीन नहीं हुआ।
अपने काम को छोटा नहीं समझा
फिर उन्होंने दूसरे दोस्तों से चेक करवाया, तब जाकर उन्हें पता चला कि उसका उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर चयन हो गया है। बताया कि चयन की जानकारी मिलने के बाद भी होटल में अपनी ड्यूटी पूरी की और लोगों को खाना परोसते रहे। यही बात उनकी कहानी को और खास बनाती है। नौकरी का रिजल्ट आने की खुशी अपनी जगह थी, लेकिन उन्होंने अपने काम को छोटा नहीं समझा और न ही जिम्मेदारी से पीछे हटे। उनके लिए काम सिर्फ आमदनी का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की कोशिश का हिस्सा भी था।