जालौन। तीन दिन बाद खुले नगर के बाजार में खूब भीड़ उमड़ी। लोगों ने कोरोना को भूलकर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा। अतिक्रमण व बाजार में आए वाहनों के चलते दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। वहीं बैंकों में भी यही हालत रही।
शनिवार व रविवार को वीकेंड कोरोना कर्फ्यू और इसके बाद सोमवार को साप्ताहिक बाजार बंदी के चलते नगर के बाजार तीन दिनों तक पूरी तरह से बंद रहे। सिर्फ दूध व मेडिकल स्टोर संचालकों को उनके प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति दी गई थी। तीन दिनों तक लोग सब्जी व फल के लिए भी तरसते नजर आए थे। तीन दिन बाद मंगलवार को जब नगर के बाजार खुले तो सुबह से ही बाजार में भी भीड़ उमड़ने लगी। बाजार में आए ग्राहकों, वाहनों व अतिक्रमण के चलते दिन भर जाम की स्थिति बनी रही।
अतिक्रमण को लेकर कई बार वाहन चालकों व दुकानदारों के बीच तूतू-मैंमैं भी हुई। हालांकि स्थिति को संभालने के लिए कोतवाली पुलिस ने बाजार में दो होमगार्ड की ड्यूटी लगाई थी लेकिन भीड़ को काबू करने में वे भी विफल रहे। लोगों को खरीदारी की इतनी जल्दी थी कि वे कोरोना के भय और सरकार की गाइडलाइन को भूल गए। लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी जरा ध्यान नहीं रखा। यही स्थिति नगर के सभी बैंकों में भी रही। बैंकों में लगभग पूरे समय जमा निकासी और अन्य आवश्यक कार्य कराने वालों की भीड़ रही। इसके चलते बैंकों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सका।
कोंच संवाद के अनुसार, बाजारों में उमड़ रही भीड़ में कोरोना का थोड़ा सा भी डर नहीं दिखाई दे रहा। सामाजिक दूरी का पालन न कर लोग संक्रमण को बढ़ाने में सहायक बनते दिख रहे हैं। कइयों के मुंह पर तो मास्क तक नहीं है। अधिकांश दुकानदार भी बिना मास्क के ग्राहक निपटा रहे हैं। इन स्थितियों के बावजूद प्रशासन बेखबर है। शासन ने गाइडलाइन जारी कर रखी हैं लेकिन वे यहां कागजी नजर आती हैं।