मुम्बई बाले मंदिर में सजी झांकी
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जालौन। नगर में स्थित श्रीकामतानाथ बिहारीजी मंदिर (बंबई वाला मंदिर) में सावन एकादशी के महापर्व पर झूला महोत्सव मनाया गया। इस दौरान श्रीराधाकृष्ण भगवान के रथ के दर्शन भी कराए गए।
ऐतिहासिक नगर जालौन स्थापना काल से ही धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिरों का शहर जालौन इसी विशेषता के चलते उत्तर भारत में छोटा वृंदावन के नाम से प्रसिद्ध है। मध्यकाल के दौरान स्थापित इन मंदिरों की स्थापत्य कला आज भी अद्वितीय मानी गई है। राजा रजवाडे़ और सेठ साहूकारों ने इन मंदिरों के अनवरत संचालन के लिए जमीन-जायदाद, भूमि, भवन का दान दिया। जिसमें मंदिर अपनी भव्यता व पहचान बनाए हुए हैं।
नगर के मंदिरों में सावन महीने में झूला महोत्सव की धूम मची है। द्वारिकाधीश मंदिर पर भगवान कृष्ण एक ओर झूला झूल रहे हैं। मंदिर के व्यवस्थापक सेठ द्वारिकादास महेश्वरी शृंगार कर कन्हैया के प्रति श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं। श्रीकामतानाथ बिहारीजी मंदिर (बंबई वाला मंदिर) में खासी सजावट देखी गई है। पुजारी विनोद कुमार स्वयं भगवान को झूले में झुला रहे हैं। भगवान की झांकी का दर्शन कर मानसिंह व आदित्य कुमार के संगीतमय भजनों की प्रस्तुति पर भक्ति के रस में सराबोर हो रहे हैं। इसके अलावा मंदिर में श्रीराधा कृष्ण भगवान के रथ के दर्शन भी कराए जा रहे हैं।