उरई (जालौन)। बुंदेलखंड की ग्राम पंचायतों के प्रशिक्षण का गढ़ अकबरपुर इटौरा को बनाया जा सकता है। यह इंस्टीट्यूट प्रदेश का पहला इंस्टीट्यूट है जो पंचायतों के सशक्तीकरण पर कार्य शुरू कर रहा है। इसका पूरा लाभ बुंदेलखंड की ग्राम पंचायतों को मिलेगा। यह बात नेहरू युवा केंद्र के पूर्व राष्ट्रीय निदेशक तथा तीसरी सरकार अभियान के संयोजक डॉ चंद्रशेखर प्राण ने अकबरपुर इटौरा में विलेज पंचायत एंपावरमेंट इंस्टीट्यूट के उद्घाटन कार्यक्रम में कही।
संस्थान के प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन फीता काटकर चंद्रशेखर प्राण ने किया। उन्होंने इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर अमित द्विवेदी की प्रशंसा कर कहा कि उन्होंने पंचायत स्तर पर एक ऐसा काम शुरू किया है जो पूरे प्रदेश में अनोखा है। आज देश को ऐसे ही संस्थानों की आवश्यकता है। संस्थान के इस प्रयास का लाभ बुंदेलखंड के ग्रामों को मिलेगा। डायरेक्टर अमित द्विवेदी ने बताया कि यह संस्थान ग्रामीणों तथा जानकारी लेने वालों को ग्राम पंचायतों से जुड़ी सभी जानकारियां देगा तथा पंचायती राज व्यवस्था को समझाएगा।
इस दौरान सुल्तान मेहंदी बाराबंकी, काव्या सिंह कन्नौज, अरविंद कुशवाहा महोबा, सारिका तिवारी, अरविंद शुक्ला कालपी, रफीक मुहम्मद आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता आलोक पुरवार ने की। इस दौरान हर्षित खन्ना, आराधना चौहान, राजीव दुबे, निजा, अशरफ अली, सुधाकर चतुर्वेदी, शिवम तोमर, एमएल शर्मा, रमेश सिंह चौहान, सुनीता राज, नीलम, सुधा प्रजापति, जितेंद्र द्विवेदी, पीयूष मिश्रा, रुपेंद्र रावत, अन्नू पांडेय, रामशंकर गुप्ता, विजय द्विवेदी, धर्मेंद्र सविता, अनिल वर्मा, राहुल समाधिया, रामकुमार जादौन, संजीव, रानी गौतम, अरुण मिश्रा आदि मौजूद रहे।