उरई। धोखाधड़ी एवं आईटी एक्ट के मामले में दोषी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार रावत ने तीन साल आठ माह की कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) राकेश वर्मा ने बताया कि एक महिला ने एसपी को शिकायतीपत्र दिया था कि विकास सरसैया के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी दी। विरोध करने पर उसके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की गई। 26 अप्रैल 2019 को विकास सरसैया निवासी देवास मध्यप्रदेश के खिलाफ आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में डकोर थाने में मामला दर्ज किया गया था। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बयान सुनने के बाद सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विकास सरसैया को तीन साल आठ माह का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड का सजा सुनाई। (संवाद)