उरई। स्टेशन पर जब एक विदेशी दंपती को ट्रेन में सीट नहीं मिली तो वह जीआरपी थाने पहुंच गए। जब उन्होंने अपना परिचय देकर अपनी कहानी बताई तो दिया तो थाना प्रभारी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद जीआरपी इंस्पेक्टर ने खातिरदारी की और फिर कुशीनगर एक्सप्रेस में उनके लिए सीट की व्यवस्था कराई। दंपती ने भारतीय संस्कृति और यहां के लोगों की खुले दिल से प्रशंसा की।
हिंदी भाषा सीखने के लिए दो महीने पहले इस्राइल के मोडेन शहर निवासी ताल अल्टर (45) अपनी पत्नी माया चिपोरा (42) के साथ बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में आए। उन्होंने जलालपुर गांव के ग्राम प्रधान अरुण कुमार द्विवेदी के घर पर रहकर हिंदी भाषा सीखी। इसके साथ ही बुंदेलखंड और भारतीय संस्कृति को जाना समझा। हिंदी सीखने के बाद जब वह अपने देश जाने के लिए निकले तो हमीरपुर से कोई ट्रेन न होने की वजह से शनिवार रात ही उरई रेलवे स्टेशन पहुंचे।
उन्होंने जीआरपी थाने पहुंचकर थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह से मुलाकात की और अपने बारे में बताया। उन्होंने इस्राइली दंपती को चाय-नाश्ता कराकर उनका स्वागत किया। दंपती ने आभार व्यक्त कर भारतीय संस्कृति और यहां के लोगों की खुले दिल से प्रशंसा की। इसके बाद वह गोरखपुर के लिए रवाना हो गया। वहां से नेपाल और उसके इसके बाद इस्राइल जाएंगे।